नौसेना दिवस से एक दिन पहले शनिवार को भारतीय नौसेना की सालाना प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई जिसे नौसेना प्रमुख एडमरिल आर हरि कुमार ने संबोधित किया. नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार ने कहा, ‘अग्निवीरों के पहले बैच की रिपोर्ट आ चुकी है, लगभग 3000 अग्निवीर शामिल हो चुके हैं जिनमें से लगभग 341 महिलाएं हैं. अगले साल हम महिला अधिकारियों को सभी शाखाओं में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं, न कि केवल 7-8 शाखाओं में जो आज तक सीमित हैं.’
नौसेना प्रमुख एडमरिल आर हरि कुमार ने आईएनएस विक्रांत की कमीशनिंग को ऐतिहासिक बताया. उन्होंने कहा कि, “यह (आईएनएस विक्रांत) नौसेना के नेतृत्व, योजनाकारों, शिपयार्ड श्रमिकों, उद्योग और अन्य सहायक एजेंसियों के अथक प्रयास का दर्शाता है। यह हमारे बीच आत्मविश्वास को प्रेरित करता है और यह हमारी स्वदेशी क्षमता का एक चमकदार प्रतीक है. इसने दुनिया में राष्ट्र के कद को बढ़ाने में योगदान दिया है… मुझे यकीन है कि विक्रांत आने वाले वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र के व्यापक क्षेत्रों में गर्व से तिरंगा फहराएगा.”
उन्होंने कहा, “हाल की वैश्विक घटनाएं इस बात को रेखांकित करती हैं कि हम अपनी सुरक्षा आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते हैं. भारतीय नौसेना ने पिछले एक साल में बहुत ऊंची अभियानगत क्षमता हासिल की है तथा समुद्री सुरक्षा की अहमियत पर अधिक बल दिया जा रहा है। सरकार ने हमें आत्मनिर्भर भारत पर बहुत स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं और शीर्ष नेतृत्व के लिए नौसेना की प्रतिबद्धताओं में से एक यह है कि हम 2047 तक आत्मनिर्भर नौसेना बन जाएंगे.”
नौसेना प्रमुख ने स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि, ‘बिपिन रावत ने तीनों सेवाओं के बीच तालमेल बढ़ाने की नींव रखी थी. “सीडीएस जनरल चौहान ने भी इस दिशा में नए सिरे से प्रेरणा प्रदान की. हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि जिस तरह से हम योजना बनाते हैं और संचालित करते हैं उसमें अधिक संयुक्तता, सामंजस्य और बाद में एकीकरण हासिल करें.”
उन्होंने आगे कहा कि, ‘हिंद महासागर क्षेत्र में बहुत सारे चीनी जहाज रहते हैं। इसमें 4-6 पीएलए नौसेना के जहाज हैं, फिर कुछ अन्य पोत हैं। उन्होंने कहा, हिंद महासागर क्षेत्र में बड़ी संख्या में चीनी जहाज मछली पकड़ने के लिए संचालित होते हैं। हम सभी घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखते हैं। उन्होंने बताया, हिंद महासागर क्षेत्र में लगभग 60 अन्य अतिरिक्त-क्षेत्रीय बल हमेशा मौजूद रहते हैं। यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जहां बड़ी मात्रा में व्यापार होता है। हमारा काम यह देखना है कि समुद्री क्षेत्र में भारत के हितों की रक्षा हो’।
प्रेस कांफ्रेंस में ‘अग्निपथ’ योजना से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, ‘‘यह एक शानदार योजना है और मुझे लगता है कि इसकी लंबे समय से प्रतीक्षा हो रही थी और इसे कई साल पहले हो जाना चाहिए था।’’ उन्होंने बताया कि कारगिल समीक्षा समिति की रिपोर्ट में एक सिफारिश की है कि सशस्त्र बलों में उम्र सीमा को नीचे लाने की आवश्यकता है। पहले औसत उम्र 32 वर्ष थी और सिफारिश में कहा गया है कि इसे कम करके लगभग 25-26 वर्ष तक लाया जाना चाहिए।
