गुजरात में पहले चरण के चुनाव के तहत गुरुवार को सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात के 19 जिलों में 89 सीटों पर मतदान चल रहा है। इसमें दक्षिण गुजरात के सात जिले की 35 सीटें हैं, तो सौराष्ट्र-कच्छ के 12 जिले की 54 सीटें हैं। राजकोट, सुरेंद्रनगर, कच्छ, मोरबी, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, अमरेली, भावनगर, बोटाद, नर्मदा, भरूच, सूरत, तापी, डांग्स, नवसारी और वलसाड जिले की सीटों पर आज वोटिंग हो रही है।
पहले फेज के मतदान के लिए 25430 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो चुकी है। मतदान शाम 5 बजे तक होगा। आज 788 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। इसमें 70 महिला उम्मीदवार हैं। पहले चरण में 339 निर्दलीय भी मैदान में हैं।
गुजरात में कुल 4,91,35,400 वोटर्स हैं। जिनमें पहले चरण में 2,39,76,670 मतदाता वोट डालेंगे। पहले चरण में 18-19 वर्ष की आयु के 5.74 लाख मतदाता और 99 वर्ष से ज्यादा आयु के 4,945 मतदाता शामिल हैं। कुल 14,382 मतदान केंद्रों पर मतदान हो रहा है, जिनमें से 3,311 शहरी और 11,071 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं।
पहले चरण में भाजपा, कांग्रेस और आप के अलावा 36 अन्य राजनीतिक दलों ने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इनमें बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी और भारतीय ट्राइबल पार्टी शामिल हैं। सभी 89 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस चुनाव लड़ रही हैं, जबकि AAP के 88 सीटों पर उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। सूरत पूर्व सीट से AAP के प्रत्याशी ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। अन्य पार्टियों में बसपा ने 57, बीटीपी ने 14 और माकपा ने चार उम्मीदवार उतारे हैं।
पहले चरण में किन दिग्गजों की साख दांव पर लगी?
AAP के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार ईसूदान गढ़वी सौराष्ट्र क्षेत्र के द्वारका जिले की खंभालिया सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। AAP के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया सूरत के कटारगाम से मैदान में हैं। अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में जामनगर (उत्तर) से क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा, सूरत की अन्य सीटों से गृह मंत्री हर्ष सांघवी, पूर्णेश मोदी और भावनगर (ग्रामीण) से पांच बार के विधायक पुरुषोत्तम सोलंकी का नाम शामिल है।
2017 के विधानसभा चुनाव में इन 89 सीटों का क्या था हाल?
2017 के चुनाव में इन 89 सीटों पर 68 फीसदी वोटिंग हुई थी। गुजरात में सौराष्ट्र-कच्छ के इलाके में ही बीजेपी पर कांग्रेस भारी पड़ी थी जबकि दक्षिण गुजरात में बीजेपी ने क्लीन स्वीप किया था। पहले चरण की जिन 89 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उनके 2017 के चुनावी नतीजे देखें तो बीजेपी ने 48 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 39, बीटीपी को 2 और एनसीपी को एक सीट मिली थी। सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में 54 सीटें आती हैं, जहां पिछली बार 65 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसमें कांग्रेस को 31 सीटें मिली थीं, तो बीजेपी को 23 और अन्य दलों को 1 सीट मिली थी। दक्षिण गुजरात इलाके में 35 सीटें आती हैं, जहां 2017 में 70 फीसदी वोटिंग हुई थी। दक्षिण गुजरात में बीजेपी को 27 सीटें मिली थीं, तो कांग्रेस को 8 सीटों से ही संतोष करना पड़ा था।
2017 में भाजपा और कांग्रेस का कैसा था प्रदर्शन?
2017 के चुनाव में बीजेपी का सबसे खराब प्रदर्शन सौराष्ट्र के इलाके में रहा था। पहले चरण की 19 जिलों में से बीजेपी 7 जिलों में खाता नहीं खोल सकी थी। अमरेली, नर्मदा, डांग्स, तापी, अरावली, मोरबी और गिर सोमनाथ जिले में बीजेपी को एक सीट नहीं मिली थी। अमरेली में कुल पांच, गिर सोमनाथ में चार, अरावली और मोरबी में तीन-तीन, नर्मदा और तापी में दो-दो और डांग में एक सीट है। सुरेंद्रनगर, जूनागढ़ और जामनगर में कांग्रेस ने बीजेपी से ज्यादा सीटें जीती थी। सुरेंद्रनगर जिले की पांच में से चार, जूनागढ़ जिले की पांच में से चार और जामनगर जिले की पांच में से तीन सीटें कांग्रेस ने जीती थी। 2017 के विधानसभा चुनाव में सौराष्ट्र-कच्छ इलाके से जीते हुए कांग्रेस के कई विधायक इस बार बीजेपी के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे हैं।
