सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में गुरुवार को तीसरी बार ऐसा होने जा रहा है जब कोर्ट में एक ऐसी बेंच बैठेगी जिसमें सभी जज महिला होंगी यानी कि ‘पूर्ण महिला बेंच’ CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी के इस बेंच का गठन किया था। सुप्रीम कोर्ट में अभी सिर्फ तीन महिला जज हैं जिनका नाम है- जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस बीवी नागरत्ना। जस्टिस हिमा कोहली का कार्यकाल का कार्यकाल सितंबर 2024 तक है जबकि जस्टिस त्रिवेदी जून 2025 तक अपने पद पर बनी रहेंगी। जस्टिस नागरत्ना 2027 में देश की पहली महिला चीफ जस्टिस बन सकती हैं।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में दो बार महिला बेंच बनाई गई थी। पहली बार ये मौका साल 2013 में आया था जब जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा और जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई एक साथ बैठे थे। उसके बाद दूसरा मौका साल 2018 में आया, जब जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की एक बेंच 5 सितंबर को एक साथ बैठी थी।
गुरुवार को जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की बेंच के पास 32 मामले सूचीबद्ध हैं, जिसमें वैवाहिक विवादों के मामले, 10 ट्रांसफर पिटीशन और 10 जमानत की अर्जियां शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में हैं सिर्फ 27 जज –
सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान समय में 34 जजों की स्वीकृति के बावजूद सिर्फ 27 जजों की कार्य क्षमता है। जनवरी में यह रिक्ति बढ़कर 8 हो जाएगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि जस्टिस एस अब्दुल नजीर 4 जनवरी 2023 को सेवानिवृत्त हो जाएंगे एवं 7 अन्य जजों का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है।
शीर्ष अदालत में माहिला जजों का क्या है इतिहास?
सुप्रीम कोर्ट में साल 1989 में पहली बार महिला जस्टिस के रूप में एम फातिमा बीवी की नियुक्ति की गई थी। जस्टिस एम फातिमा बीवी को केरल हाई कोर्ट से रिटायर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में नियुक्त किया गया था। उसके बाद जस्टिस सुजाता मनोहर, जस्टिस रूमा पाल, जस्टिस ज्ञान सुधा मिश्रा, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई, जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस इंदु मल्होत्रा, जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस नागरत्न और जस्टिस बेला त्रिवेदी सुप्रीम कोर्ट की जज बनीं। जस्टिस हिमा कोहली, जस्टिस नागरत्न और जस्टिस बेला त्रिवेदी को एक ही साथ 2 सितंबर, 2021 को भारत के तत्कालीन CJI एन. वी. रमना के कार्यकाल के दौरान शपथ दिलाई गई थी। उस समय जस्टिस बनर्जी समेत महिला जजों की संख्या 4 हो गई थी. लेकिन जस्टिस बनर्जी इसी साल 23 सितंबर को सेवानिवृत्त हो गईं और उसके बाद ये संख्या 3 रह गई। बता दें कि जस्टिस कोहली सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति से पहले तेलंगाना हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश थीं तो वहीं, जस्टिस बेला त्रिवेदी सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नति से पहले गुजरात हाईकोर्ट की जज थीं।
