भारत की जानी मानी एथलीट और राज्यसभा सांसद पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ की निर्विरोध अध्यक्ष चुनी गईं हैं। वे भारतीय ओलंपिक संघ की पहली महिला और पहली ओलंपियन अध्यक्ष होंगीं। इस पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 27 नंवबर थी, जो कि ख़त्म हो चुकी है। इस पद के लिए सिर्फ पीटी उषा ने ही नामांकन भरा था। ऐसे में उन्हें निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है। इसी वर्ष जुलाई में पीटी उषा को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था।
पीटी उषा ने IOA के चुनाव के अपना नामांकन भरने के बाद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी थी।
भारतीय ओलंपिक संघ के 95 साल के इतिहास में पीटी उषा अध्यक्ष पद को संभालने वाली पहली ओलंपियन हैं। साथ ही साथ पीटी उषा महाराजा यादविंदर सिंह के बाद IOA के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने वाली पहली खिलाड़ी भी हैं। यादविंदर सिंह ने वर्ष 1934 में एक टेस्ट मैच खेला था और फिर 1938 में IOA चीफ बने थे।
भारत के गृह राज्य मंत्री और पूर्व खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने पीटी उषा को बधाई दी और ट्वीट कर लिखा, ‘भारत की गोल्डन गर्ल पीटी उषा को भारतीय ओलंपिक संघ का अध्यक्ष चुने जाने पर बधाई। मैं अपने देश के सभी स्पोर्टिंग हीरोज को भी IOA के पदाधिकारी बनने पर बधाई देता हूं. देश को उन पर गर्व है।’
पीटी उषा ने रविवार को अध्यक्ष पद के लिए अपना नामंकन पत्र दाखिल किया था और उनके साथ 14 अन्य लोगों ने भी अलग अलग पदों के लिए अपने नामांकन भरे। रविवार को कुल 24 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। 10 नवंबर को होने जा रहे IOA के चुनाव में उपाध्यक्ष (महिला) और संयुक्त सचिव (महिला) के पद के लिए मुकाबला होगा। कार्यकारिणी परिषद के चार सदस्यों के लिए 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। आईओए में एक वरिष्ठ उपाध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष (एक पुरुष और एक महिला), एक कोषाध्यक्ष, दो संयुक्त सचिव (एक पुरुष और एक महिला), छह अन्य कार्यकारी परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए होंगे। इनमें से दो (एक पुरुष और एक महिला) निर्वाचित ‘एसओएम’ से होंगे। कार्यकारी परिषद के दो सदस्य (एक पुरुष और एक महिला) एथलीट आयोग के प्रतिनिधि होंगे।
पीटी उषा को ‘पय्योली एक्सप्रेस’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने एशियाई खेलों में साल 1982 से 1994 तक चार स्वर्ण और सात रजत पदक जीते हैं। उन्होंने 1986 के सियोल एशियाई खेलों में सभी चार स्वर्ण (200 मीटर, 400 मीटर, 400 मीटर बाधा दौड़ और चार गुणा 400 मीटर रिले) पदक जीत लिए और साथ ही 100 मीटर में रजत भी जीता था। उषा ने 1982 में नई दिल्ली में आयोजित एशियाई खेलों में 100 मीटर और 200 मीटर में पदक जीते। कुल मिलाकर उन्होंने 1983 से 1998 तक एशियाई चैम्पिपियनशिप में कुल 23 पदक (14 स्वर्ण, छह रजत और तीन कांस्य पदक) जीते।
महान एथलीट पीटी उषा को 1984 में हुए लॉस एंजिल्स ओलंपिक के 400 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पदक से चूकने के लिए बहुत याद किया जाता है। उषा उस दौड़ में रोमानिया की क्रिस्टियाना कोजोकारू ने सेकंड के सौवें हिस्से से पिछड़ गई थी और फाइनल में चौथे स्थान पर रही थीं।
बता दें कि IOA के चुनाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त सेवानिवृत्त जस्टिस एल नागेश्वर राव की देखरेख में उनके द्वारा तैयार किए गए नए संविधान के तहत हो रहे हैं। IOA ने इंटरनेशनल ओलंपिक समिति से मंजूरी मिलने के बाद 10 नवंबर को नया संविधान अपनाया था। IOA के 77 सदस्यीय निर्वाचन मंडल में लगभग 25 फीसदी पूर्व एथलीट हैं, जिनमें ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू, गगन नारंग, साक्षी मलिक, योगेश्वर दत्त और एम एम सौम्या सहित वर्तमान और पूर्व खिलाड़ी शामिल हैं।
