भारत सरकार ने विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए एयर सुविधा फॉर्म भरने की शर्त को हटा दिया है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि, ‘बाहर (विदेश) से आने वाली अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए एयर सुविधा फॉर्म की अनिवार्यता हटा दी गई है। यह आदेश 22 नवंबर से प्रभावी हो गया है’।
सरकार की तरफ से जारी किए गए अधिसूचना में कहा गया है कि ‘विश्व स्तर पर कोरोनो के मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है। भारत में भी कोरोना के केस में लगातार गिरावट आ रही है और वैक्सीनेशन अभियान बेहतर तरीके से चल रहा है। इसे देखते हुए ये कदम उठाया जा रहा है’। इस अधिसूचना में एक वैधानिक चेतावनी भी दी गई जिसमे कहा गया है कि कोविड-19 के हालातों के मद्देनजर जरूरत पड़ने पर नियम की समीक्षा की जा सकती है। अभी विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए यह फॉर्म भरना आवश्यक था। केंद्र सरकार द्वारा कोरोना के मद्देनजर इस फॉर्म की शुरुआत की गई थी।
‘एयर सुविधा फॉर्म’ में यात्रियों को क्या जानकारी देनी होती थी?
इस फॉर्म में पैसेंजर्स को अपने वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और हाल के दिनों की यात्रा का विवरण बताना होता था और साथ ही कुछ अन्य जानकारियां भी देनी होती थी। यात्रियों को अपना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट और नेगेटिव RTPCR रिपोर्ट भी जमा करना होता था। मालूम हो कि ‘एयर सुविधा फॉर्म’ के शर्तों के अनुसार, विदेशों से भारत आ रहे 5 साल से अधिक उम्र के सभी यात्रियों के लिए ये शर्तें अनिवार्य थी। दुनिया के कई देशों में RTPCR कराना बहुत महंगा है। ऐसे में केंद्र सरकार द्वारा लिया गया ये फैसला यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है।
FHRAI ने की थी एयर सुविधा फॉर्म को समाप्त करने की मांग-
केंद्र सरकार की तरफ से ‘एयर सुविधा फॉर्म’ को लेकर ये आदेश ऐसे समय आया है जब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भी हवाई यात्रियों के लिए एयरपोर्ट और फ्लाइट में मास्क पहनने की अनिवार्यता को ख़त्म कर दिया है। अक्टूबर महीने में एफएचआरएआई (FHRAI) ने केंद्र सरकार से एयर सुविधा फॉर्म भरने की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की थी। FHRAI ने कहा था कि कोरोना का डर अब कम हो गया है, ऐसे में यह फॉर्म अब पर्यटन के लिहाज से बाधक साबित हो रहा है इसलिए इसे हटाने पर विचार किया जाना चाहिए।
