G-20 शिखर सम्मेलन: PM मोदी ने फूड एनर्जी सिक्योरिटी सत्र में भाग लिया, कहा- यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने का रास्ता खोजना होगा, पीएम, जो बाइडेन समेत अन्य वैश्विक नेताओं से भी मिले

G-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत आज से बाली में हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G-20 शिखर सम्मेलन ने के दौरान फूड एनर्जी सिक्योरिटी सत्र में भाग लिया। उन्होंने इस दौरान कहा कि आज दुनिया को G-20 से अधिक अपेक्षाएं हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना और यूक्रेन युद्ध के कारण दुनिया की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इससे दुनिया में तबाही फैल गई है। उन्होंने कहा कि यूएन जैसी संस्थाएं इन मुद्दों पर विफल रही हैं।

पीएम मोदी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए अमेरिका और यूरोप के देशों को नसीहत दी। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा कहा है कि हमें यूक्रेन में युद्धविराम और कूटनीति के रास्ते पर लौटने का रास्ता खोजना होगा। पिछली सदी में WWII ने दुनिया में कहर बरपाया था जिसके बाद उस समय के नेताओं ने शांति का रास्ता अपनाने का गंभीर प्रयास किया। अब हमारी बारी है।

पीएम बोले कि आज की खाद की कमी कल का खाद्य संकट है, जिसका समाधान दुनिया के पास नहीं होगा। हमें खाद और खाद्यान्न दोनों की आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर और सुनिश्चित बनाए रखने के लिए आपसी समझौता करना चाहिए।

पीएम मोदी ने कहा, वैश्विक विकास के लिए भारत की ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण है क्योंकि, भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, हमें ऊर्जा की आपूर्ति पर किसी भी प्रतिबंध को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 2030 तक हमारी आधी बिजली अक्षय स्रोतों से पैदा होगी। आगे कहा, भारत में स्थायी खाद्य सुरक्षा के लिए हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं और बाजरा जैसे पौष्टिक और पारंपरिक खाद्यान्नों को फिर से लोकप्रिय बना रहे हैं। बाजरा वैश्विक कुपोषण और भूख को भी दूर कर सकता है।

जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों समेत कई अन्य लोगों से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री के साथ साथ इस दौरे में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और G-20 शेरपा अमिताभ कांत भी हैं।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि हमने विश्व व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय कानून का परीक्षण होते हुए देखा है। आज दुनिया की निगाहें हमारी बैठक पर टिकी हैं। क्या हम सफल होंगे या असफलताओं की संख्या में हम एक और चीज जोड़ेंगे? मेरे विचार से, G-20 को सफल होना चाहिए। उन्होंने कहा, G-20 की अध्यक्षता के रूप में, इंडोनेशिया ने गहन और व्यापक मतभेदों को पाटने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया। लेकिन सफलता तभी प्राप्त की जा सकती है जब हम सभी मतभेदों को दूर करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हों।

मंगलवार सुबह जैसे ही पीएम G-20 शिखर सम्मेलन के पहले सत्र में हिस्सा लेने अपूर्व केम्पिसंकी होटल पहुंचे तो वहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार रात बाली पहुंचे। वहां पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पीएम ने लोगों से भी मुलाकात की।

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