PM मोदी के दक्षिण भारत दौरे का दूसरा दिन: आंध्र प्रदेश और तेलंगाना को दी कई परियोजनाओं की सौगात, विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा- “जब अंधेरा बढ़ता है, तो कमल खिलता है”

पीएम मोदी दो दिवसीय मिशन साउथ इंडिया पर हैं। कर्नाटक और तमिलनाडु के दौरे के बाद पीएम ने शनिवार को आंध्रप्रदेश और तेलंगाना का दौरा किया। पीएम ने आज सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में 10,500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। नरेंद्र मोदी ने पीएम बनने के बाद पहली बार विशाखापत्तनम का दौरा किया है। इस दौरान उनके साथ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये शहर बहुत खास है। यहां हमेशा से ही व्यापार की समृद्ध परंपरा रही है। विशाखापट्टनम प्राचीन भारत का एक महत्वपूर्ण पोर्ट था। हजारों वर्ष पहले इस पोर्ट के जरिए पश्चिमी एशिया और रोम तक व्यापार होता था। आज भी विशाखापत्तनम भारत के व्यापार का केंद्र बिंदु बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि 10 हजार करोड़ से अधिक रुपए के परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, आंध्र प्रदेश और विशाखापत्तनम की आकांक्षाओं का माध्यम बनेगी। ये परियोजनाएं आधारभूत संरचना से लेकर ईज ऑफ लिविंग से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक कई नए आयाम खोलेगी, विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

पीएम ने कहा कि आजादी के अमृत काल में देश विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। विकास की यह यात्रा बहुआयामी है। इसमें सामान्य मानवी के जीवन से जुड़ी जरूरतों की चिंता शामिल है और सबसे बेहतर आधुनिक आधारभूत संरचना का निर्माण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बात चाहे शिक्षा की हो या एंटरप्राइज की या टेक्नोलॉजी की हो। हर क्षेत्र में आंध्र प्रदेश के लोगों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। हमारा विजन है, समावेशी विकास का, इन्क्लूसिव ग्रोथ का।

उन्होंने कहा, ‘मुझे मालूम है कि इन परियोजनाओं का आंध्र के लोगों को काफी लंबे समय से इंतजार था। आज जब ये इंतजार पूरा हो रहा है तो आंध्र प्रदेश और इसके तटीय क्षेत्र एक नई रफ़्तार से विकास की इस दौड़ में आगे बढ़ेंगे’।

पीएम ने कहा कि 10 हजार करोड़ से अधिक रुपये के परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, आंध्र प्रदेश और विशाखापट्टनम की आकांक्षाओं का माध्यम बनेगी। ये परियोजनाएं आधारभूत संरचना से लेकर ईज ऑफ लिविंग से लेकर आत्मनिर्भर भारत तक कई नए आयाम खोलेगी, विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

विशाखापट्टनम का दौरा खत्म करने के बाद तेलंगाना पहुंचे। पीएम ने तेलंगाना के बेगमपेट के रामागुंडम में रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (RFCL) संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित भी किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव पर निशाना साधा और कहा, ‘मुझे अफसोस है कि तेलंगाना के नाम पर जो लोग फले-फूले, आगे बढ़े, सत्ता पाई, वह खुद तो आगे बढ़ गए लेकिन तेलंगाना को पीछे ढकेल दिया। तेलंगाना का जो सामर्थ्य है, तेलंगाना के लोगों की जो प्रतिभा है, उसके साथ यहां की सरकार और नेता लगातार नाइंसाफी करते रहते हैं’।

पीएम ने कहा कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह इतनी मेहनत करने के बावजूद थकते क्यों नहीं। उन्होंने कहा, “मैं नहीं थकता क्योंकि मैं हर दिन 2-3 किलो गालियां खाता हूं…भगवान ने मुझे ऐसा आशीर्वाद दिया है कि यह (गालियां) मेरे अंदर पोषण में बदल जाती हैं।” उन्होंने कहा, “मोदी को गाली दीजिए, भाजपा को गाली दीजिए…लेकिन अगर आप तेलंगाना के लोगों को गाली देंगे तो आपको भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”

उन्होंने कहा, ‘यहां तेलंगाना में अंधविश्वास के नाम पर क्या-क्या हो रहा है यह देश के लोगों को जानना चाहिए। अगर तेलंगाना का विकास करना है, उसे पिछड़े पन से निकालना है, तो उसे सबसे पहले यहां के हर तरह के अंधविश्वास को दूर करना होगा’।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जिस राजनीतिक दल पर तेलंगाना के लोगों ने सबसे अधिक भरोसा किया, उसी पार्टी ने तेलंगाना के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात किया। उन्होंने कहा, जब अंधेरा बढ़ता है तो उस स्थिति में कमल खिलने लगता है। भोर से ठीक पहले, तेलंगाना में कमल को खिलते देखा जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘यह शहर सूचना और प्रौद्योगिकी का किला है। जब मैं यह देखता हूं कि आधुनिक शहर में अंधविश्वास को बढ़ावा दिया जा रहा है तो बहुत दुख होता है। ऐसा लगता है कि यहां कि सरकार ने अंधविश्वास को राज्याश्रित दिया हुआ है’।

पीएम ने कहा कि तेलंगाना के लोग एक ऐसी बीजेपी सरकार चाहते हैं जो सिर्फ एक परिवार के लिए नहीं बल्कि हर परिवार के लिए काम करे। मैं तेलंगाना के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि गरीबों को लूटने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि विपक्षी दल गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उन्हें एजेंसियों द्वारा उनके खिलाफ भ्रष्टाचार की जांच का डर है।

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