लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी सरकार को झटके पर झटके लग रहे हैं, लंबे समय से दबा पार्टी का अंदरूनी आक्रोश अब खुल कर सामने आ रहा हैं। सरकार क स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद बीजेपी सरकार के एक और मंत्री दारा सिंह चौहान ने इस्तीफा दे दिया है। वह भी स्वामी की तरह ओबीसी समुदाय से आते हैं।
पर्यावरण और जन्तु उद्यान, मंत्री दारा सिंह चौहान ने राज्यपाल को भेजे लेटर में लिखा है, ”मैंने पूरे मनोयोग से अपने विभाग की बेहतरी के लिए काम किया, लेकिन योगी सरकार की पिछड़ों, वंचितों, दलितों, किसानों और बेरोजगार नौजवानों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के साथ-साथ पिछड़ों और दलितों के आरक्षण के साथ जो खिलवाड़ हो रहा है, उससे आहत होकर मैं उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे रहा हूं।
स्वामी प्रसाद मौर्य की तरह दारा सिंह चौहान भी बीजेपी में आने से पहले बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के नेता था। 2015 में वह बसपा का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे। तीन के बार के सांसद को तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई थीं। चौहान को ओबीसी मोर्चा का अध्यक्ष भी बनाया गया। मधुबन विधानसभा सीट से जीतने के बाद उन्हें योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
दारा सिंह ने भी पिछड़ों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा में मेरा अपमान हुआ।
दारा सिंह चौहान ने कहा ‘बीजेपी में मेरा अपमान हुआ, पिछड़ों का अपमान हुआ। ये पार्टी पिछड़ों और दलितों की विरोधी है.’ उन्होंने कहा कि पार्टी के दो और मंत्री मेरे संपर्क में हैं, जो जल्द ही इस्तीफा देंगे। बता दें कि दारा सिंह चौहान सपा में शामिल हो सकते हैं। वे अखिलेश यादव से एक महीने में तीन बार बातचीत कर चुके हैं. साल 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले दारा सिंह चौहान बीएसपी छोड़कर बीजेपी में आये थे।
अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए कहा मेला होबे-
‘सामाजिक न्याय’ के संघर्ष के अनवरत सेनानी श्री दारा सिंह चौहान जी का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन!
सपा व उसके सहयोगी दल एकजुट होकर समता-समानता के आंदोलन को चरम पर ले जाएँगे… भेदभाव मिटाएँगे! ये हमारा समेकित संकल्प है!
