SWAMI PRASAD MAURYA RESIGNS: योगी सरकार के लिए आज मंगलवार को बड़ी उथलपुथल वाली स्थिति खड़ी हो गई है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके साथ 11 विधायकों ने भी पार्टी को अपना इस्तीफा सौंपा है। ये बागी विधायक और स्वामी प्रसाद मौर्य भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ आ गये है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने इस्तीफे में दलित, पिछड़े, किसान और महंगाई के रैवैये पर सरकार को घेरा है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार के दिन बीजेपी के लिए बड़ा अमंगल हुआ है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेज दिया है। इसके साथ ही स्वामी प्रसाद मोर्य ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) ज्वॉइन कर लिया है। 11 विधायकों ने भी अपना इस्तीफा सौंपा हैं।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे गए अपने इस्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, ‘श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं.’
स्वामी प्रसाद मौर्य के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उनके साथ एक तस्वीर शेयर की और लिखा- ‘सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन!’
