लखीमपुरखीरी कांड के फ़रार आरोपी आशीष मिश्रा पुलिस लाइन पहुंचा, कोर्ट ने योगी आदित्यनाथ और पुलिस के रवैये पर नाराज़गी जताई थीं,

 उत्तर प्रदेश के लखीमपुरखीरी किसान नरसंहार ने देश को हिलाकर रख दिया था। इस मामलें में (Lakhimpur Kheri Violence) मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और सांसद सांसद अजय मिश्रा उर्फ “टेनी” (Ajay Mishra Teni) का बेटा आरोपी था, आशीष ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे किसानों को अपनी थार गाड़ी के नीचे कुचलकर मार डाला था, आशीष पर फायरिंग करने का आरोपी भी है, इसके अलावा इस घटना में किसानों के अलावा बीजेपी के कार्यकर्ता और एक निजी tv के पत्रकार की भी मौत हो गई थीं।

 

 

लगातार विपक्ष के हंगामे और अपने गृहमंत्री पिता के रसूख का इस्तेमाल करते हुए आशीष अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ था। जिसपर उच्च न्यायालय ने भी आपत्ति जताई थी ? पुलिस ने आशीष को गिरफ्तार करने के बजाय बाइज्ज़त उसके घर पर नोटिस चिपकाया था, पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए। इसी घटना क्रम में आज आरोपी आशीष अपना बयान देने पहुंचा हैं।

 

कल दिनभर आशीष के नेपाल भागने की सूचना से बाजार गर्म था, लगातार हंगामे और घेराव के बाद शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि उनका बेटा आज पेश होकर अपना बयान दर्ज कराएगा।

 

इस बीच, विपक्ष द्वारा केंद्रीय मंत्री के बेटे को गिरफ्तार करने की मांग के बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा और किसी भी तरह के दबाव या सबूत के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 

योगी का ये बयान सुप्रीम कोर्ट के फटकार के बाद आया है, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह इस मुद्दे को हल करने के लिए यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से संतुष्ट नहीं है। राज्य के लिए पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे के जवाब में और कहा कि आशीष को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, सीजेआई रमना ने कहा: “हम उम्मीद करते हैं कि एक जिम्मेदार सरकार है … पुलिस अधिकारी और प्रणाली। जब बंदूक की गोली से घायल होने का गंभीर आरोप है … क्या इस देश के अन्य आरोपियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा, निमंत्रण भेजकर?

 

दूसरी ओर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा रविवार को वाराणसी में “किसान न्याय” रैली का नेतृत्व करेंगी, जिसमें आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग की जाएगी।

 

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