गंदा है पर धंधा है ये ,शुभेंदु अधिकारी को ममता का आँचल छोड़ने के बदले मिल रही है कुर्सी भारतीय जूट निगम की

नेशनल डेस्क: हाल ही ममता का आँचल छोड़कर भाजपा में शामिल हुये शुभेंदु अधिकारी शायद अपना पेट पूजा बाकी काम दूजा को मानते हुये अमित शाह की उंगली पकड़ कर पार्टी में शामिल हुये थे, उनके महत्वाकांक्षी सपनों को अब पंख मिलने वाले है क्योंकि विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से पता चला है कि
अमित शाह की सिफारिश पर शुभेंदु को सरकार केंद्रीय मंत्री के समकक्ष पद दे रही है। उन्हें भारतीय जूट निगम (जूट कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया- जेसीआई) का चेयरमैन बनाया जा रहा है। केंद्रीय उद्योग मंत्रालय से उन्हें इस संबंध में फोन कर के आवश्यक कारवाई की शुरुआत के लिए कहा गया है।

शुभेंदु के करीबी सूत्रों ने गुरुवार शाम इस बारे में पुष्टि की है।

जनवरी महीने के शुरुआती दिनों में ही वह जेसीआई का अध्यक्ष पद संभाल सकते हैं। यह पद केंद्रीय मंत्री के समकक्ष है।

 

उल्लेखनीय है कि गत 19 दिसम्बर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। उनके साथ 11 अन्य विधायकों, एक सांसद और एक पूर्व सांसद ने पार्टी का दामन थामा था। तृणमूल कांग्रेस के 83 अन्य राज्य स्तरीय नेताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली थी, जिनमें से कई नगर पालिकाओं के पूर्व अध्यक्ष रह चुके थे और कुछ लोग तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सचिवालय में भी सेवा दे चुके थे। उसी दिन अमित शाह शुभेंदु अधिकारी को अपने साथ हेलीकॉप्टर में बैठा कर पूर्व मेदनीपुर से कोलकाता ले आए थे। इसके पहले शाह के साथ हेलीकॉप्टर में बंगाल भाजपा के किसी नेता ने यात्रा नहीं की थी। शुभेंदु को इतनी अधिक तवज्जो मिलने के बाद ही स्पष्ट हो गया था कि भारतीय जनता पार्टी में उन्हें खास ओहदा मिलने वाला है।

 

फरेब और लालच कहते है राजनीति के दो पहलू है इसी को अपना गुरु मानकर शुभेंदु अधिकारी भाजपा की नाव पर हुये सवार

इसके पहले जब शुभेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस में ही थे और उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें थीं, तभी गृह मंत्रालय ने उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा दी थी। अब उन्हें केंद्रीय मंत्री के समकक्ष पद देकर बंगाल में उन्हें अलग से अहमियत मिलने के संकेत दे दिए गए हैं। हालांकि शुभेंदु अधिकारी भाजपा में शामिल होने के बाद से लगातार विभिन्न मंचों से कहते रहे हैं कि वह किसी पद के लोभ में पार्टी में नहीं आए हैं बल्कि एक साधारण कार्यकर्ता की तरह काम करेंगे। उनका लक्ष्य राज्य की सत्ता से ममता बनर्जी को हटाना है।

 

शुभेंदु कुछ भी कह ले पर खुद उनके परिवार के सारे सदस्य भी भाजपा की नौका में सवारी करने जा रहे है। दूसरी तरफ राजनीति का स्तर कितना गिर गया है और भाजपा किस हद तक बंगाल चुनाव जीतने की कोशिश कर रही है ये उस बात की पुष्टि करने के लिए काफी है।

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