केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को टोयोटा की इनोवा हाईक्रॉस कार के 100 प्रतिशत इथेनॉल-ईंधन संस्करण का अनावरण किया। इस कार को दुनिया की पहली BS-VI (स्टेज-II), विद्युतीकृत फ्लेक्स-ईंधन वाहन कहा गया है।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे, टोयोटा के एमडी और सीईओ मसाकाज़ु योशिमुरा, किर्लोस्कर सिस्टम्स लिमिटेड की एमडी और सीईओ गीतांजलि किर्लोस्कर, राजदूत, जापान दूतावास के राजनयिक, उच्च अधिकारी और सलाहकार की उपस्थिति में गडकरी ने टोयोटा किर्लोस्कर मोटर द्वारा विकसित बीएस 6 स्टेज ‘इलेक्ट्रिफाइड फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल’ लॉन्च किया।
इस अवसर पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि इथेनॉल एक स्वदेशी, पर्यावरण-अनुकूल और नवीकरणीय ईंधन है, जो भारत के लिए आशाजनक संभावनाएं रखता है। उन्होंने कहा कि इथेनॉल पर मोदी सरकार का जोर ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्राप्त करने, किसानों की आय दोगुनी करने, उन्हें अन्नदाता के रूप में समर्थन जारी रखते हुए ऊर्जादाता में परिवर्तित करने और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव डालने के उद्देश्यों के अनुरूप है।
उन्होंने कहा कि जिस दिन इथेनॉल अर्थव्यवस्था 2 लाख करोड़ की हो जाएगी, कृषि विकास दर मौजूदा 12% से बढ़कर 20% हो जाएगी। जैव ईंधन में नवाचारों के बारे में बात करते हुए श्री गडकरी ने असम के नुमालीगढ़ में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की रिफाइनरी के बारे में बात की, जहां जैव इथेनॉल के निर्माण के लिए बांस का उपयोग किया जा रहा है।
गडकरी ने कहा, प्रौद्योगिकी विकसित हो चुकी है और हम मॉडल विकसित कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह जल्द ही बाजार में आ जाएगा… चलते समय यह 60% बिजली पैदा करेगा और शेष 40% इथेनॉल होगा – पेट्रोल के बजाय – जिस पर यह चलेगा…” उन्होंने कहा, , “आज किसान ‘ऊर्जा दाता’ और ‘बिटुमेन दाता’ बन गया है। वह ‘बायो एविएशन फ्यूल दाता’ भी बन जाएगा…”
गडकरी ने कहा कि यह इनोवेटिव वाहन इनोवा हाइक्रॉस पर आधारित है और इसे भारत के सख्त उत्सर्जन मानकों का पालन करने के लिए इंजीनियर किया गया है, जो इसे विश्व स्तर पर पहले बीएस 6 (स्टेज II) विद्युतीकृत फ्लेक्स ईंधन वाहन प्रोटोटाइप के रूप में चिह्नित करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रोटोटाइप के आगामी चरणों में सावधानीपूर्वक शोधन, होमोलॉगेशन और प्रमाणन प्रक्रियाएं शामिल हैं।
इथेनॉल (जिसे एथिल अल्कोहल या अल्कोहल भी कहा जाता है) रासायनिक सूत्र C2H5OH वाला एक जैव ईंधन है। यह प्राकृतिक रूप से चीनी के किण्वन द्वारा बनाया जाता है। भारत में, यह मुख्यतः गन्ने से चीनी निकालते समय प्राप्त होता है। हालाँकि, इसके उत्पादन के लिए खाद्यान्न जैसे अन्य कार्बनिक पदार्थों का भी उपयोग किया जा सकता है।
मालूम हो कि सरकार ने जीवाश्म ईंधन की खपत को कम करने के लिए इस जैव ईंधन को पेट्रोल में मिलाने के लिए इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (ईबीपी) कार्यक्रम शुरू किया है। भारत ने 2025 तक पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य रखा है।
