गुजरात के वडोदरा शहर में दिवाली की रात जमकर बवाल हुआ। पुलिस की शुरूआती जांच में पता चला है कि पटाखे जलाने को लेकर दो पक्षों के लोग आमने सामने आ गए और फिर जमकर हिंसा हुई। पटाखे और फुलझड़ियां जलाने के साथ साथ हालात इतने बिगड़ गए कि दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दुसरे के ऊपर पत्थर फेकना शुरू कर दिया और फिर आगजनी तक को अंजाम दिया. पेट्रोल बम बरसने शुरू हो गए और पूरे इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। ये हिंसा वडोदरा के जिस पानीगेट इलाके में हुई है वो इलाका बहुत संवदेनशील माना जाता है। आज से तीन महीने पहले भी इसी इलाके में सांप्रदायिक तनाव की एक घटना हुई थी।
ये घटना सोमवार-मंगलवार की रात 12.30 बजे शुरू होकर 1 बजे तक हुई। जैसे ही घटना की जानकारी पुलिस को मिली, पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुँच गई. इन लोगों के हौसले इतने बुलंद थे कि वे पुलिस के सामने ही पेट्रोल बम फेंक रहे थे और ऐसी भी जानकारी सामने आई है कि पेट्रोल बमों से पुलिस टीम को भी निशाना बनाया गया हालांकि, पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में किया।
इस मामले पर वडोदरा के डीसीपी यशपला जागानिया ने बताया कि पानीगेट इलाके में मुस्लिम मेडिकल सेंटर के पास पथराव की घटना हुई. पुलिस बल मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई की। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस सीसीटीवी की जांच कर रही है और चश्मदीदों से पूछताछ कर रही है। उनके मुताबिक़, दंगाई स्ट्रीट लाइट बुझाकर हिंसा कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों गुटों के बीच विवाद के दौरान एक गुट ने सड़क पर खड़े वाहनों और कई दुकानों को तोड़ा था। घटना जिस पानीगेट इलाके में हुई है, वो एक संवेदनशील क्षेत्र है और यहां सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनी रहती है।
खबर लिखे जाने तक गुजरात पुलिस ने इस मामले में 19 लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है और बाकी आरोपियों की तलाश की जा रही है। हिंसा को अंजाम देने से पहले दंगाईयों ने स्ट्रीट लाइट्स को बंद कर दिया था, ताकि वो लोग पहचान में ना आ सके। पुलिस इलाके की सीसीटीवी की छानबीन में जुटी है और आरोपियों की पहचान की कोशिश कर रही है।
3 अक्टूबर 2022 को भी वडोदरा में हुआ था सांप्रदायिक दंगा-
इसी महीने, वडोदरा के सावली टाउन के सब्जी मार्केट में सांप्रदायिक दंगा होने की घटना सामने आई थी. मामले ये था कि इलाके के एक मंदिर के पास बिजली के खंभे में दूसरे धर्म का झंडा लगा दिया गया था और फिर इसी विवाद ने दंगे की नौबत ला दी थी।
जून 2022 में गुजरात के आणंद में हुई थी सांप्रदायिक हिंसा-
बोरसद इलाके में एक मंदिर के पास जमीन को लेकर दो समुदाय के लोगों में झड़प हुई थी जिसमे पत्थरबाजी की गई। घटना में चार लोग जख्मी हुए थे। पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।
