एस जयशंकर ने सांसदों की समिति को बताया- ‘ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के 30 मिनट बाद पाकिस्तान को इसकी जानकारी दे दी गई थी’

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसदीय सलाहकार समिति को बताया कि भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने के 30 मिनट बाद ही इस्लामाबाद को अलर्ट कर दिया गया था। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया था। सूत्रों ने यह जानकारी दी। यह ऑपरेशन 7 मई की रात को चलाया गया था।

सूत्रों ने जयशंकर के हवाले से बताया, “ऑपरेशन सिंदूर शुरू होने के आधे घंटे बाद पाकिस्तान को सूचित किया गया कि केवल आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस्लामाबाद की पहल पर भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों (डीजीएमओ) के बीच सीधे संवाद के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम लागू हुआ।”

विदेश मामलों पर संसदीय सलाहकार समिति की बैठक एस जयशंकर की अध्यक्षता में हुई जिसमें ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद पर चर्चा की गई और इसमें केसी वेणुगोपाल, मनीष तिवारी, मुकुल वासनिक, प्रियंका चतुर्वेदी, अपराजिता सारंगी और गुरजीत सिंह औजला सहित सांसदों ने भाग लिया।

बैठक में मौजूद सूत्रों ने बताया कि जयशंकर ने सदस्यों को आश्वासन दिया कि भारत ने सटीकता के साथ कार्रवाई की है तथा केवल आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है तथा तनाव को टालने के लिए इसकी जानकारी पाकिस्तान को तुरंत दे दी गई है।

विदेशी हस्तक्षेप, खासकर युद्ध विराम में अमेरिका की भूमिका के बारे में बोलते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का रुख दस शब्दों में व्यक्त किया गया: “वे गोली चलाते हैं, हम गोली चलाते हैं। वे रुकते हैं, हम रुकते हैं।”

जयशंकर ने यह भी कहा कि जब अमेरिकी विदेश मंत्री ने खुफिया जानकारी दी कि पाकिस्तान बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है, तो भारत ने दृढ़ता से जवाब दिया: “अगर पाकिस्तान आगे बढ़ता है, तो हम उसी तरह जवाब देने के लिए तैयार हैं।”

केंद्रीय मंत्री का यह स्पष्टीकरण उस राजनीतिक विवाद के कुछ दिनों बाद आया है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पाकिस्तान को पहले ही सूचित कर दिया था और इसे एक “अपराध” बताया था।

गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा tha, “हमारे हमले की शुरुआत में पाकिस्तान को सूचित करना एक अपराध था। विदेश मंत्री ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि भारत सरकार ने ऐसा किया। इसे किसने अधिकृत किया? इसके परिणामस्वरूप हमारी वायु सेना ने कितने विमान खो दिए?”

हालाँकि, विदेश मंत्रालय ने राहुल गांधी के दावे का खंडन करते हुए इसे “तथ्यों का पूरी तरह गलत प्रस्तुतीकरण” कहा।

मंत्रालय ने कहा, “विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि हमने पाकिस्तान को शुरुआत में ही चेतावनी दे दी थी, जो स्पष्ट रूप से ऑपरेशन सिंदूर के शुरू होने के बाद का प्रारंभिक चरण है। इसे गलत तरीके से शुरू होने से पहले बताया जा रहा है। तथ्यों को पूरी तरह से गलत तरीके से पेश किया जा रहा है।”

मालूम हो कि भारत ने 7 मई की सुबह ऑपरेशन सिंदूर के तहत सीमा पार स्थित नौ आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए सटीक हमले किए थे। यह हमला 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, जिनमें अधिकतर पर्यटक थे।

इसके बाद, इस्लामाबाद ने 8, 9 और 10 मई को भारतीय सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले करने का प्रयास किया। भारतीय सेना ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमला किया।

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