छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। पत्रकार की पोस्टमॉर्टम जांच से इस भयानक हत्या की प्रकृति का पता चला। पीड़ित के सिर पर 15 फ्रैक्चर थे, गर्दन टूट गई थी और उनका दिल फट गया था। ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को मुकेश चंद्राकर की हत्या का कथित मास्टरमाइंड माना जाता है, क्योंकि पत्रकार ने कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का खुलासा किया था। तीन जनवरी को घटना सामने आने के बाद से वह फरार था।
28 वर्षीय पत्रकार का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों को लीवर के चार टुकड़े, पांच टूटी पसलियां, सिर पर 15 फ्रैक्चर, एक टूटी हुई गर्दन और उनका दिल फटा हुआ मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने 12 साल के करियर में ऐसा मामला नहीं देखा है।
डॉक्टरों के मुताबिक हत्या में आरोपियों की संख्या दो से अधिक रही होगी।
प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने मुकेश चंद्राकर की हत्या की निंदा की और हत्या की गहन जांच की मांग की।
छत्तीसगढ़ में सड़क निर्माण परियोजनाओं में भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए चंद्राकर की प्रशंसा करते हुए संगठन ने कहा कि पत्रकार ने लोगों, राजनीति और संस्कृति से संबंधित मुद्दों को उठाकर कर्तव्यनिष्ठा से अपना कर्तव्य निभाया।
कौन थे मुकेश चंद्राकर?
पत्रकार मुकेश का जन्म 1991 में बस्तर जिले की बीजापुर तहसील के बासागुड़ा गांव में हुआ था। 2 साल की उम्र में ही उनके पिता की मौत हो गई थी। उनकी मां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं और उन्होंने मुकेश और बड़े बेटे युकेश का पालन-पोषण किया था। 2011 में मुकेश की मां की कैंसर से मौत हो गई थी।
मुकेश ‘बस्तर जंक्शन’ नाम से यूट्यूट चैनल (1.65 लाख सब्सक्राइबर) चलाने के साथ स्वतंत्र पत्रकारिता भी करते थे। मुकेश बस्तर में पत्रकारिता का बड़ा नाम बन गए थे। वह अपने यूट्यूब चैनल के जरिए स्थानीय खबरों को लोगों के सामने लाते थे। इसी तरह स्वतंत्र पत्रकारिता में भी उन्होंने कई बड़े मामलों को उजागर किया था।
वह राज्य में चर्चा केंद्र उस समय बने थे जब 2021 में उन्होंने नक्सलियों के कब्जे से CRPF कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मनहास को छुड़ाने के लिए जंगलों में कदम रखा था और बाइक पर उन्हें सुरक्षित वापस लेकर आए थे।
दरअसल, बीजापुर में गंगालूर से नेलासनार गांव तक एक सड़क बनाई गई थी। इस सड़क के निर्माण पर कुल 120 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद भी सड़क की हालत बड़ी दयनीय हो रही थी। इस सड़क का निर्माण आरोपी ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने किया था। मुकेश ने इस सड़क की जांच कर एक रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए निर्माण में हुए भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इस पर सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
मुकेश चंद्राकर सेप्टिक टैंक में मृत पाए गए थे-
3 जनवरी को, एक स्थानीय समाचार चैनल के लिए काम करने वाले मुकेश चंद्राकर का शव सुरेश चंद्राकर के परिसर में एक सेप्टिक टैंक में पाया गया था। उन्होंने हाल ही में छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के लिए उजागर किया था।
1 जनवरी की रात से लापता मुकेश चंद्राकर ने हाल ही में सुरेश चंद्राकर के खिलाफ जांच की थी, जिसमें बस्तर में 120 करोड़ रुपये की सड़क निर्माण परियोजना में कथित अनियमितताओं का खुलासा हुआ था। इस खुलासे ने राज्य सरकार को ठेकेदार की गतिविधियों की जांच शुरू करने के लिए प्रेरित किया था।
सुरेश चंद्राकर के भाई रितेश द्वारा आयोजित एक बैठक के बाद मुकेश का फोन बंद हो गया था और उसके बाद उनके बड़े भाई युकेश चंद्राकर ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें सुरेश चंद्राकर के भाई दिनेश चंद्राकर और रितेश चंद्राकर भी शामिल हैं। पुलिस ने कहा कि ठेकेदार के आसपास के लोगों सहित कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
