बीजेपी ने ‘झूठ फैलाने’ के लिए राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, चुनाव आयोग से किया संपर्क

भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) से शिकायत की है और उन पर चुनावी राज्य महाराष्ट्र में भारतीय संविधान के बारे में गलत बयान देने और “राज्यों के बीच मतभेद पैदा करने” के लिए झूठ बोलने का आरोप लगाया है। सत्तारूढ़ दल के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात की और उनसे आदर्श आचार संहिता के “घोर उल्लंघन” के लिए कांग्रेस सांसद के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया। भाजपा ने झूठे दावे प्रसारित करने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की।

केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला और हमने उन्हें बताया कि महाराष्ट्र के चुनाव में राहुल गांधी नेता प्रतिपक्ष हैं उन्होंने फिर से झूठ बोलने का प्रयास किया है और उन्होंने कहा कि बीजेपी संविधान को नष्ट करने वाली है, तोड़ने और समाप्त करने वाली है..इसे रोका जाना चाहिए। वह बार-बार ऐसा कर रहे हैं। हमने कहा है कि BNS की धारा 353 के तहत नेता प्रतिपक्ष लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होनी चाहिए यही मांग लेकर हम यहां आए थे।”

वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने कहा, “कांग्रेस पार्टी को हताशा दिख रही है क्योंकि उनको एक बार फिर महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस और उनके गठबंधन को हार दिख रही है और भाजपा को प्रचंड बहुमत मिलेगा। राहुल गांधी इससे परेशान हो गए हैं इसलिए कुछ भी बयान दे रहे हैं कि संविधान खतरे में है। गुजरात और महाराष्ट्र में आपपस में मतभेद करना चाह रहे हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें बहुत बार नोटिस दिया है लेकिन वह सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसलिए हमने चुनाव आयोग से कठोर कार्रवाई करने को कहा है।”

भाजपा की शिकायत 6 नवंबर को मुंबई में एक चुनावी रैली में राहुल गांधी के भाषण के संबंध में थी, जहां उन्होंने दावा किया था कि एप्पल आईफोन और बोइंग हवाई जहाज का निर्माण महाराष्ट्र की कीमत पर अन्य राज्यों में किया जा रहा है।

उसी रैली में राहुल गांधी ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए यह भी आरोप लगाया कि भगवा पार्टी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ मिलकर भारत के संविधान को नष्ट करना चाहती है।

राहुल ने कहा था, “देश में विचारधारा की लड़ाई है। एक तरफ बीजेपी-आरएसएस है। दूसरी तरफ इंडिया गठबंधन है। एक तरफ अंबेडकर जी का संविधान है, जिसमें एकता, समानता, प्यार और सम्मान है। दूसरी ओर, बीजेपी-आरएसएस के लोग हैं, जो संविधान को नष्ट करना चाहते हैं लेकिन वे (बीजेपी-आरएसएस) इस बात को खुलकर नहीं कहते हैं क्योंकि अगर वे इसे खुलकर बोलेंगे तो पूरा देश उनके खिलाफ खड़ा हो जाएगा।”

इस बीच भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, “केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भाजपा सांसद अरुण सिंह और अन्य नेताओं के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहुंचा क्योंकि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संविधान का अपमान कर रहे हैं, संवैधानिक संस्थानों पर सवाल उठा रहे हैं और संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे बयान दिए कि संविधान खतरे में है और समाप्त हो जाएगा। चुनाव आयोग द्वारा चेतावनी दिए जाने के बावजूद वह गलत बयानबाजी कर रहे हैं जिससे लोगों में भ्रम पैदा हो। अब हमने चुनाव आयोग से मांग की है कि उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और सख्त कार्रवाई की जाए।”

मालूम हो कि 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को होंगे और वोटों की गिनती तीन दिन बाद की जाएगी।

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