IMF ने वित्‍त वर्ष 2024-25 में भारत की विकास दर 7% रहने का लगाया अनुमान, प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश

अंतर्राष्‍ट्रीय मुद्रा कोष-आईएमएफ ने वित्‍त वर्ष 2024-25 में भारत की आर्थिक वृद्धि के अपने अनुमानों को संशोधित किया और कहा कि देश में 2024 में विकास दर सात फीसदी रहने की उम्मीद है, जबकि अप्रैल में इसका अनुमान 6.8 प्रतिशत था। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने विश्व आर्थिक आउटलुक अपडेट के अपने नवीनतम संस्करण में कहा, “इस वर्ष भारत की विकास दर के पूर्वानुमान को संशोधित कर 7 प्रतिशत कर दिया गया है। निजी खपत, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर संभावनाओं के बीच भारत में विकास के पूर्वानुमान को बढ़ाया गया है।”

आईएमएफ ने पहले 2024 के लिए 6.5 फीसदी की विकास दर का अनुमान लगाया था, जिसे संशोधित कर 6.8 फीसदी और अब 7 फीसदी कर दिया गया है। भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।

वर्ष 2025 के लिए, आईएमएफ ने भारत की विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इसने अपने विकास अनुमानों के पीछे घरेलू मांग में मजबूती और बढ़ती कामकाजी उम्र वाली आबादी को जिम्मेदार ठहराया।

उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वृद्धि के पूर्वानुमान को संशोधित किया गया है और अनुमानित वृद्धि एशिया, विशेष रूप से चीन और भारत में मजबूत गतिविधि द्वारा संचालित है। चीन के लिए भी आई एम एफ ने 2024 के लिए विकास दर को 5 प्रतिशत तक संशोधित किया है, लेकिन उसने कहा है कि 2025 में चीन का सकल घरेलू उत्‍पाद धीमा होकर चार दशमलव पांच प्रतिशत हो जाएगा। वर्ष 2029 तक मध्यम अवधि में तीन दशमलव तीन प्रतिशत तक गिरावट जारी रहने का अनुमान है।

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कुल मिलाकर वैश्विक वृद्धि अप्रैल 2024 विश्व आर्थिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) के पूर्वानुमान के अनुरूप होने का अनुमान है। आईएमएफ का वैश्विक विकास अनुमान वर्ष 2024 के लिए तीन दशमलव दो प्रतिशत पर अपरिवर्तित है और 2025 में तीन दशमलव तीन प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

भारत सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान देश की जीडीपी प्रभावशाली 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी और यह सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बनी रही। भारत की अर्थव्यवस्था 2022-23 में क्रमशः 7.2 प्रतिशत और 2021-22 में 8.7 प्रतिशत बढ़ी।

भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी नवीनतम मौद्रिक नीति बैठक में 2024-25 के लिए मौजूदा सकल घरेलू उत्पाद का अनुमान पहले के 7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.2 प्रतिशत कर दिया।

विश्व बैंक ने भी चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि के पूर्वानुमान को जनवरी में किए गए 6.4 प्रतिशत के अपने पहले अनुमान से 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया। विश्व बैंक ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा, हालांकि इसके विस्तार की गति धीमी रहने की उम्मीद है।

मॉर्गन स्टेनली ने 2024 में भारत में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है।

संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में 2024 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान 6.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है, जो मुख्य रूप से मजबूत सार्वजनिक निवेश और लचीली निजी खपत से प्रेरित है।

मूडीज रेटिंग्स को उम्मीद है कि 2024-25 में भारत की वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहेगी।

आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) का अनुमान है कि अगले दो वर्षों में भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत रहेगी।

एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने वित्तीय वर्ष 2024 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के विकास अनुमान को 6.7 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया है।

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