कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एग्जिट पोल के बाद शेयर की कीमतों में अचानक उछाल और लोकसभा चुनाव परिणाम के दिन कीमतों में गिरावट की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की है और साथ ही आरोप लगाया कि भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में “सबसे बड़े घोटाले” में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका थी। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय PM नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्टॉक मार्केट पर टिप्पणी की। जहां प्रधानमंत्री ने स्टॉक मार्केट बढ़ने की बात कही, वहीं गृह मंत्री ने कहा कि 4 जून से पहले लोगों को शेयर खरीदने चाहिए। लेकिन 4 जून को बाज़ार गिरता है और करीब 30 लाख करोड़ का नुकसान होता है। यह घोटाला है। हम इस घोटाले में JPC जांच की मांग करते हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, गांधी ने दावा किया कि आम भारतीयों को “4 जून को शेयर बाजार में 30 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ”। उन्होंने तीन सवाल पूछे और कहा की इनकी जांच जेपीसी को करनी चाहिए।
उन्होनें ये 3 सवाल पूछे:
1. PM नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देश की जनता को बाजार में निवेश करने की सलाह क्यों दी?
2. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री ने दोनों इंटरव्यू अडानी के उन चैनल्स को दिए , जिनके ऊपर SEBI की जांच जारी है। ऐसे में उन चैनल्स का क्या रोल है?
3. BJP, फेक Exit Poll वालों और विदेशी निवेशकों के बीच क्या रिश्ता है?
और कहा कि इसलिए हम इस घोटाले के खिलाफ JPC जांच की मांग चाहते हैं।
https://x.com/INCIndia/status/1798692030153126088
गांधी ने अपनी बात को दोहराते हुए कहा, “भाजपा के बड़े नेताओं के पास जानकारी थी कि भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिलने वाला है। वे जानते थे की 3-4 जून को क्या होने वाला है। 30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और हज़ारों-लाखों करोड़ रुपए का चुने हुए लोगों को फायदा हुआ है। हम प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, जिन्होंने एग्जिट पोल किया उनपर और विदेशी निवेशक पर जांच चाहते हैं।”
वहीं भाजपा नेता और निवर्तमान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘सबसे बड़े शेयर बाजार घोटाले’ के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सांसद ऐसी टिप्पणी इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह लोकसभा चुनाव में हुए नुकसान को संभालने में असमर्थ हैं।
गोयल ने कहा, “राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता कर जो भाजपा और हमारे नेताओं पर अनाप-शनाप आरोप लगाए हैं, इससे साफ जाहिर होता है कि लोकसभा चुनाव में विपक्ष की हार की हताशा से राहुल गांधी जी उबर नहीं पाए हैं। इसलिए अब राहुल गांधी मार्केट के इंवेस्टर्स को भी गुमराह करने की साजिश रच रहे हैं। आज भारत दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आज पूरी दुनिया, भारत को फास्टेस्ट ग्रोइंग इकॉनमी के रूप में स्वीकार करती है। मोदी जी ने देश को आश्वस्त किया है कि उनके तीसरे टर्म में देश विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।”
बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल गांधी साजिश रच रहे हैं। एग्जिट पोल के बाद 3 जून को विदेशी निवेशकों ने 6850 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, और फिर अगले दिन यानी 4 जून को सस्ते में बेचा, तो नुकसान विदेशी निवेशकों को हुआ। जबकि रिटेल निवेशकों ने गिरावट के दिन शेयर खरीदा है, उन्होंने सस्ते में खरीदकर मुनाफा कमाया है। ये कहना गलत है कि निवेशकों का 30 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है। रिटेल निवेशकों को कोई नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने लाभ कमाया है। आज भी बाजार में तेजी रही, जिसका लाभ निवेशकों का हुआ है। इसलिए पिछले दो-तीन दिन में विदेशी निवेशकों के मुकाबले भारतीय निवेशकों ने लाभ कमाया लिया है।”
गोयल ने कहा कि राहुल गांधी लोगों को भ्रमित कर रहे हैं, इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव चलते रहता है। पिछले 10 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में शेयर बाजार का मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर का हुआ है। भारतीय इक्विटी मार्केट दुनिया की टॉप-5 मार्केट में से एक है। पीएसयू का मार्केट कैप मोदी सरकार के कार्यकाल में 4 गुना बढ़ा है।
उन्होंने कहा, “आज से 10 वर्ष पहले यूपीए की सरकार थी, उस समय मई- 2014 तक मार्केट कैप 67 लाख करोड़ रुपये का था। जबकि मोदी सरकार वापस आ रही है। आज यानी 415 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप है, जो दर्शाता है कि मोदी सरकार में कितनी तरक्की हुई है। इसका सबसे बड़ा लाभ भारतीय निवेशकों और उसमें भी रिटेल निवेशकों को हुआ है। रिटेल इन्वेस्टर सबसे ज्यादा निवेश करते हैं। विदेशी निवेशकों की कांग्रेस के समय भारतीय शेयर बाजार में हिस्सेदारी 21 फीसदी थी, जो घटकर 16 फीसदी हो गई है। वहीं भारतीय निवेशकों की हिस्सेदारी 79 फीसदी से बढ़कर 84 फीसदी हो चुकी है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्रीज में 2014 के दौरान इसका साइज 10 लाख करोड़ था, जो पांच गुना बढ़कर 56 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। इसका भी लाभ रिटेल इन्वेस्टर्स और भारतीय निवेशकों को हुआ है।”
गोयल ने आगे कहा, “आज लोगों के सामने सबसे बड़ा प्रश्न ये खड़ा हो रहा है कि जो-जो वादे राहुल गांधी ने किए थे उसका क्या हुआ? देश में कई जगहों पर हमारी बहनें-माताएं कांग्रेस के कार्यालय के बाहर खड़ी हैं। आज महिलाएं तेलंगाना, हिमाचल और कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारों से पूछ रही हैं कि जो एक लाख रुपए प्रति महिला को देने का वादा किया गया था, वो क्यों नहीं पूरा कर रहे हैं। आज महिलाएं कांग्रेस की सरकारों से अपना हक और न्याय मांग रही हैं।”
बता दें कि 4 जून को लोकसभा चुनाव नतीजों के दिन शेयर बाजार ने पिछले चार वर्षों में अपना सबसे खराब दिन देखा। उस दिन लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
