लोकसभा चुनाव 2024: बीजेपी की कंगना रनौत ने मंडी संसदीय सीट से किया नामांकन, कांग्रेस के विक्रमादित्य सिंह से है मुकाबला

हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी की उम्मीदवार कंगना रनौत ने आधिकारिक तौर पर लोकसभा चुनाव 2024 के लिए मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया। इससे पहले उन्होंने एक रोड शो का नेतृत्व किया, जिसमें उनके समर्थक जोश से ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे। मंडी निर्वाचन क्षेत्र में 1 जून को वोट डाले जाने हैं। अपना नामांकन दाखिल करने के बाद, कंगना रनौत ने संवाददाताओं से कहा, “आज, मैंने मंडी लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है।

कंगना ने अपनी चुनावी शुरुआत का श्रेय मंडी के लोगों को दिया। नामांकन के समय उनके साथ उनकी मां और बहन भी थीं। कंगना ने कहा कि यह मंडी के लोगों का प्यार था जो उन्हें उनके गृह राज्य वापस ले आया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वह राजनीति में भी अपनी पहचान बनाएंगी जैसा कि उन्होंने फिल्म में किया है।

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कंगना ने कहा, “मंडी के लोग और मेरे प्रति उनका प्यार मुझे यहां ले आया है। हमारे देश में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं, लेकिन कुछ साल पहले मंडी में भ्रूण हत्या की घटनाएं बहुत अधिक थीं। आज मंडी की महिलाएं सेना, शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में हैं।”

कांग्रेस के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रविरोधी मानसिकता देश के लिए चिंता का विषय है।”

कंगना के साथ आईं उनकी मां आशा रनौत ने कहा, “जनता यहां कंगना का समर्थन करने आई है। हम जरूर जीतेंगे। उन्होंने लोगों के लिए बहुत काम किया है और आगे भी करेंगी।”

कंगन के नामांकन दाखिल करते समय उनकी बहन रंगोली रनौत भी मौजूद थीं। उन्होंने कहा, “मैं उनकी इस नई यात्रा के लिए अपनी शुभकामनाएं देती हूं। आप देख सकते हैं कि कैसे लोग भीड़ में उनका समर्थन करते हैं।”

अपना नामांकन दाखिल करने के बाद कंगना ने कहा, “आज मैंने मंडी लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया है। मंडी से चुनाव लड़ने का मौका मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं बॉलीवुड में सफल रही हूं और मुझे उम्मीद है कि राजनीति के क्षेत्र में भी मुझे सफलता मिलेगी।”

कंगना को मंडी से मैदान में उतारने का बीजेपी का निर्णय आगामी लोकसभा चुनावों में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्हें इस सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह के रूप में एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। मंडी परंपरागत रूप से राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस का गढ़ रहा है।

हिमाचल में 1 जून को होने वाले मतदान में न केवल चार सीटों से लोकसभा सदस्यता के लिए उम्मीदवार खड़े होंगे, बल्कि असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे और पाला बदलने के बाद खाली हुई छह विधानसभा सीटों के लिए भी सदस्य चुने जाएंगे।

2019 के चुनावों में राज्य की सभी चार लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करने वाली भाजपा इस बार दोबारा जीत हासिल करने की कोशिश में है।

मंडी संसदीय क्षेत्र कांग्रेस के लिए प्रतीकात्मक महत्व रखता है, क्योंकि इसे वीरभद्र परिवार का गढ़ माना जाता है। यह सीट वर्तमान में दिवंगत नेता की पत्नी प्रतिभा देवी सिंह के पास है। तत्कालीन भाजपा सांसद राम स्वरूप शर्मा के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उन्होंने यहां से जीत दर्ज की थी।

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