हिट-एंड-रन कानून के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन कर रहे ट्रक चालकों से उनका प्रतिनिधित्व करने वाले परिवहन निकाय और सरकार के बीच मंगलवार देर शाम हुए समझौते के बाद तुरंत काम पर लौटने का आग्रह किया गया है। सरकार ने कहा कि हिट-एंड-रन मामलों में दस साल तक की सजा का प्रावधान करने वाला नया नियम अभी तक लागू नहीं किया गया है, और कहा कि कोई भी निर्णय परिवहन निकाय के साथ चर्चा के बाद ही लिया जाएगा। ट्रकर्स एसोसिएशन ने भी यह कहा कि हिट-एंड-रन कानून में नए दंड प्रावधानों के खिलाफ विरोध जल्द ही वापस ले लिया जाएगा।
ट्रकर्स बॉडी की कोर कमेटी के अध्यक्ष मलकीत सिंह बल ने कहा, “हमने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रावधानों पर मुलाकात की और चर्चा की, और सभी मुद्दों का समाधान किया गया है। नए कानून अभी तक लागू नहीं किए गए हैं और एआईएमटीसी के साथ परामर्श के बाद ही लागू किए जाएंगे।”
उन्होनें कहा, “106 (2) जिसमें 10 साल की सजा है और जुर्माना है, वह कानून लागू नहीं होने देंगे। सभी संगठन की चिंता लेकर हम भारत सरकार के पास पहुंचे। नए कानून की जो मंशा है 10 साल की सजा और जुर्माना, अभी लागू नहीं है। हम सभी ड्राइवरों को आश्वासन दिलाते हैं कि आगे यह कानून लागू नहीं होने देंगे। हमने अपील की है कि हड़ताल वापस हो। सभी ड्राइवर अपने वाहनों पर वापस लौटें।”
उन्होंने यह भी कहा कि हड़ताल जल्द खत्म होगी और ड्राइवरों से काम पर फिर से लौटने का आग्रह किया गया है।
इस बीच, गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, “ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के साथ (हिट-एंड-रन मामलों में) दस साल की सजा वाले कानून पर चर्चा हुई। यह कानून अभी तक लागू नहीं हुआ है। यह एआईएमटीसी के साथ चर्चा के बाद ही लागू होगा।”
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष अमृत लाल मदान ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो दस साल की सजा और जुर्माना लगाया था, उसे रोक कर रखा है। सरकार के साथ बैठक के बाद मदन ने प्रदर्शनकारी ट्रक ड्राइवरों को आश्वासन दिया, “जब तक ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस की अगली बैठक नहीं हो जाती, तब तक कोई कानून नहीं लागू किया जाएगा।”
दरअसल विचाराधीन प्रावधान हाल ही में सरकार द्वारा भारतीय न्याय संहिता के तहत लाया गया था, जो ब्रिटिश-युग के भारतीय दंड संहिता की जगह लेता है।
बता दें कि देश भर में चल रहे ट्रक ड्राइवरों के विरोध प्रदर्शन के कारण देश में पेट्रोल और डीजल स्टेशनों पर कमी की आशंका पैदा हो गई है, जिससे घबराहट में खरीदारी शुरू हो गई है। देश के कई हिस्सों से आए दृश्यों में लोग ईंधन की कमी को लेकर चिंतित होकर पेट्रोल और डीजल पंपों पर कतार में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
