लोकसभा आचार समिति के छह सदस्यों ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ ‘कैश-फॉर-क्वेरी’ आरोपों पर अपनी रिपोर्ट को अपनाया, जबकि चार अन्य ने इसका विरोध किया। रिपोर्ट को अपनाने का समर्थन करने वाले छह लोगों में से निलंबित कांग्रेस सांसद परनीत कौर थीं, जो पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की पत्नी हैं। सूत्रों ने बताया कि मसौदा रिपोर्ट में मामले में चल रही जांच के मद्देनजर महुआ मोइत्रा को लोकसभा से अयोग्य घोषित करने की सिफारिश की गई है।
परनीत कौर को इस साल फरवरी में “भाजपा की मदद करने के लिए पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने” के लिए कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने परनीत कौर के समर्थन की सराहना की और कहा, ”पंजाब हमेशा भारत की पहचान और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खड़ा रहा है। आज फिर कैप्टन अमरिन्दर सिंह जी और कांग्रेस पार्टी की सांसद परनीत कौर जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई समझौता नहीं किया। भारत पंजाब के वीर पुरुषों का सदैव आभारी था, है और रहेगा।”
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भाजपा सांसद ने मोइत्रा पर लोकसभा में सवाल उठाने के बदले कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से रिश्वत लेने और फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था। मोइत्रा ने भी उपहार स्वीकार करने और हीरानंदानी की कार का उपयोग करने की बात स्वीकार की थी।
मोइत्रा के करीबी सूत्रों ने बताया कि वह एथिक्स पैनल की ड्राफ्ट रिपोर्ट में निष्कासन की तर्ज पर गंभीर अभियोग की उम्मीद कर रही थीं। मोइत्रा ने एथिक्स कमेटी की जांच को “राजनीतिक जादू-टोना” करार दिया है और कहा है कि इसका एकमात्र इरादा उन्हें संसद से “निलंबित” करना है।
