तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने भाजपा पर सनातन धर्म पर उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि वह अपने शब्दों पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं।
शनिवार को उस समय विवाद खड़ा हो गया जब सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना “डेंगू” और “मलेरिया” से की और कहा कि इसका सिर्फ विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्मूलन किया जाना चाहिए। उनकी टिप्पणी से हंगामा मच गया और भाजपा ने द्रमुक तथा विपक्षी दल इंडिया के अन्य सदस्यों के साथ-साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा।
उनकी दी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर, उदयनिधि स्टालिन ने अपना रुख बरकरार रखा और कहा कि उन्होंने केवल सनातन धर्म की आलोचना की और इसके उन्मूलन का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा, “मैं इसे लगातार कहूंगा। कुछ लोग बचकानी हरकतें कर रहे हैं जो कह रहे हैं कि मैंने नरसंहार के लिए आमंत्रित किया है, जबकि अन्य कह रहे हैं कि द्रविड़म को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। क्या इसका मतलब यह है कि डीएमकेवासियों को मार दिया जाना चाहिए? जब पीएम मोदी कहते हैं ‘कांग्रेस मुक्त भारत’, तो क्या इसका मतलब यह है कि कांग्रेसियों को मार दिया जाना चाहिए मार डाला? सनातन क्या है? इसका मतलब है कि कुछ भी नहीं बदला जाना चाहिए और सभी स्थायी हैं।”
मंत्री ने कहा, “लेकिन द्रविड़ मॉडल परिवर्तन की मांग करता है और सभी को समान होना चाहिए। भाजपा मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और फर्जी खबरें फैला रही है। यह उनका सामान्य काम है। वे मेरे खिलाफ जो भी मामले दर्ज करेंगे, मैं उसका सामना करने के लिए तैयार हूं। भाजपा इंडिया ब्लॉक से डरी हुई है और ध्यान भटकाने के लिए वे यह सब कह रहे हैं। द्रमुक की नीति ‘एक कुल, एक भगवान’ है।”
आक्रोश के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु कांग्रेस प्रमुख केएस अलागिरी का एक वीडियो साझा किया, जिसमें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि राज्य में गठबंधन का उद्देश्य सनातन धर्म को नष्ट करना है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, “सनातन को कुचलने की हसरत वाले कितने ही ख़ाक हो गए, हिन्दुओं को मिटाने के ख्वाब वाले कितने ही राख हो गए। सुनों घमंडिया गठबंधन के घमंडियों, तुम और तुम्हारे मित्र रहें ना रहें सनातन था, है और रहेगा।”
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, “राहुल गांधी आपके गठबंधन द्वारा सनातन धर्म का खुला अपमान किया गया है। आप चुप क्यों हैं? आप मंदिर सिर्फ दिखावे के लिए जाते हैं?…यह पूरा ग्रुप (INDIA गठबंधन) वोट के लिए घोर अहिंदू बन सकता है।”
वहीं उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म को लेकर की गई विवादित टिप्पणी पर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा, “हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है- ‘सर्व धर्म समभाव’, यह कांग्रेस की विचारधारा है। हर राजनीतिक दल को अपनी बात कहने की आजादी है… हम सभी के विचारों का सम्मान करते हैं।”
इससे पहले, भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सनातन धर्म पर अपनी टिप्पणी के लिए उदयनिधि स्टालिन पर निशाना साधा और कहा कि वह “80 प्रतिशत आबादी के नरसंहार का आह्वान कर रहे थे।”
अमित मालवीय को जवाब देते हुए, उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उन्होंने कभी भी सनातन धर्म के अनुयायियों के “नरसंहार” का आह्वान नहीं किया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि वह हाशिये पर पड़े समुदायों की ओर से बोल रहे हैं, जो सनातन धर्म के कारण पीड़ित हैं।
उन्होंने कहा, सनातन धर्म एक ऐसा सिद्धांत है जो लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटता है। उदयनिधि स्टालिन ने आगे कहा, “सनातन धर्म को उखाड़ना मानवता और मानव समानता को कायम रखना है।”
