White House में PM मोदी का भव्य स्वागत, बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बातचीत; एक सवाल के जवाब में बोले- “लोकतंत्र हमारी रगों में है”

अमेरिकी दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वॉशिंगटन डीसी में हैं। गुरुवार को यहां व्हाइट हाउस में उनका भव्य स्वागत किया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनका स्वागत किया। व्हाइट हाउस के साउथ लॉन की बालकनी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने लोगों का अभिवादन किया। दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस में आए हजारों भारतीय और अमेरिकी नागरिकों को संबोधित किया। इसके बाद पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई। इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।

जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से “भारत में अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव और मानवाधिकारों के उल्लंघन” पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘मुझे आश्चर्य है कि आप कह रहे हैं कि लोग कहते हैं। लोग कहते हैं नहीं बल्कि भारत लोकतांत्रिक है। जैसा कि राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा भारत और अमेरिका दोनों के DNA में लोकतंत्र है। लोकतंत्र हमारी रगो में है, लोकतंत्र को हम जीते हैं। हमारे पूर्वजों ने उसे शब्दों में डाला है। हमारा संविधान और हमारी सरकार, और हमने सिद्ध किया है कि डेमोक्रेसी कैन डिलीवरी जब मैं डिलीवरी कहता हूं तब जाति, पंथ, धर्म किसी भी तरह के भेदभाव की वहां पर जगह नहीं होती है। जब आप लोकतंत्र कहते हैं तो पक्षपात का कोई सवाल ही नहीं उठता है।’

पीएम मोदी ने कहा कि व्हाइट हाउस में इतनी बड़ी संख्या में भारतीय लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि इंडियन-अमेरिकन हमारे संबंधों की असली ताकत हैं। इन संबंधों को और गहरा करने के लिए हम अमेरिका द्वारा बेंगलुरू और अहमदाबाद में कान्सुलेट खोलने के निर्णय का स्वागत करते हैं।

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मौजूदगी में व्हाइट हाउस में भारत और अमेरिका के राष्ट्रगान बजाए गए।

राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध 21वीं सदी में सबसे निर्णायक रिश्तों में से एक है। पीएम मोदी का व्हाइट हाउस में वापस स्वागत है। मैं यहां राजकीय यात्रा पर आपकी मेजबानी करने वाला पहला व्यक्ति बनकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।

वहीं पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले मैं राष्ट्रपति बाइडेन के स्वागत के लिए दिल से धन्यवाद करता हूं। राष्ट्रपति बाइडेन, दोस्ती के लिए धन्यवाद। आज व्हाइट हाउस में शानदार स्वागत 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। इस सम्मान के लिए मैं राष्ट्रपति बाइडेन और जिल बाइडेन का दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। तीन दशक पहले साधारण नागरिक के तौर पर US आया, वाइट हाउस को तब सिर्फ बाहर से देखा था। यह पहली बार है जब व्हाइट हाउस के दरवाजे इतनी बड़ी संख्या में भारतीय-अमेरिकियों के लिए खोले गए हैं। हम दोनों देश अपनी विविधता पर गर्व करते हैं, हम दोनों ही सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय के मूल सिद्धांत में विश्वास करते हैं।

इस अवसर पर पेन मसाला समूह ने व्हाइट हाउस में बॉलीवुड के विभिन्न गीत गाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जो बाइडेन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधित्व ने हिस्सा लिया। भारत की तरफ से विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर, अजीत डोभाल, विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा, भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू, एडिशनल सचिव वाणी साराजू राव, श्रीप्रिया रंगनाथन,अरिंदम बागची, डॉ. दीपक मित्तल और डॉ. हिरेन जोशी बैठक में शामिल रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में द्विपक्षीय वार्ता की।

बाइडेन के साथ द्विपक्षीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जिस गर्मजोशी से आपने मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया उसके लिए मैं आपका शुक्रिया करता हूं। मैं विशेष रूप से आपका आभार व्यक्ति करता हूं कि आज आपने व्हाइट हाउस का द्वार भारतीय समुदाय के लोगों के लिए खोले। आप हमेशा भारत के शुभचिंतक रहे हैं और जब भी आपको अवसर मिला आपने हमेशा भारत-अमेरिका के रिश्तों को ताकत दी है। मुझे याद है कि 8 साल पहले आपने यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल में महत्वपूर्ण बात कही थी। आपने कहा था कि ‘हमारा लक्ष्य भारत का सबसे अच्छा मित्र बनना है’। यह आपके शब्द आज भी गूंज रहे हैं. जब कभी दो देशों के बीच बात की जाती है तो अकसर औपचारिक सांझा ब्यान, काम करने वाला समहू और आमतौर पर उसी दायरे पर बात होती है। इसका अपना महत्व है लेकिन भारत अमेरिका के रिश्तों का असली इंजन हमारे मज़बूत लोगों से लोगों का रिश्ता है। इस इंजन की जोरदार दहाड़ हमने व्हाइट हाउस के बाहर सुनी थी। आज की तेजी से बदल रहे वैश्विक स्थिति में सभी की नज़र विश्व के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत और अमेरिका पर है। मेरा मानना है कि हमारी रणनीतिक साझेदारी मानव जाति के कल्याण, वैश्विक शांति और स्थिरता, लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखने वाली सभी ताकतों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम अंतरिक्ष, समुद्री प्रौद्योगिकी और हरित प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में छोटे-छोटे कदम बड़ी प्रगति में बदल गए हैं। आज हमारे देशों के बीच साझेदारी पहले से कहीं अधिक मजबूत है।

द्विपक्षीय वार्ता के बाद PMO ने पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन की मुलाकात की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा, भारत-अमेरिका के संबंधों को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाना!प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच द्विपक्षीय वार्ता। दोनों ने भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा की और साझेदारी को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।

वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने ट्वीट किया. उन्होंने लिखा, “अब आक्रमण हथियारों और उच्च क्षमता वाली पत्रिकाओं पर प्रतिबंध लगाने का समय आ गया है। हमने इसे एक बार पहले भी किया था, हम इसे दोबारा भी कर सकते हैं।”

व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साझा बयान जारी करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु संकट, क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीक, सेमीकंडक्टर पर सहयोग, रक्षा संबंधों पर अधिक सहयोग आदि पर चर्चा हुई। भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग बढ़ रहा है। व्यापार पर 2 अरब डॉलर से ज्यादा का नया निवेश हुआ है। पीएम मोदी के साथ बहुत सार्थक मुलाकात हुई। क्वाड पर चर्चा हुई जो सुनिश्चित कर सकता है कि इंडो पैसिफिक खुला और समृद्ध रहे. भारत और अमेरिकी दोनों नवप्रवर्तन और निर्माण करते हैं, बाधा को अवसर में बदलते हैं। दोनों देशों में मानवाधिकार संघर्ष मौजूद है। अमेरिकी सपने को पूरा करने में भारतीय अमेरिकी योगदान दें. 2024 में भारतीय अंतरिक्ष यात्री स्पेस में जाएगा।

द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने साझा बयान देते हुए कहा कि आज हमारे द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा से व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय जुड़ गया है। दो देशों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमने अंतरिक्ष सहयोग में बड़ी छलांग लगाई है। यहां तक कि भारत-अमेरिका साझेदारी में स्काई की भी कोई सीमा नहीं है। भारत और अमेरिका आतंकवाद और कट्टरवाद से लड़ने में एक साथ खड़े हैं।

पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडेन ने साझा बयान जारी करने के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान एक विदेशी पत्रकार ने पीएम मोदी से भारत के अल्पसंख्यकों को लेकर सवाल पूछा। अल्पसंख्यकों के नैतिक अधिकारों के सवालों पर पीएम मोदी ने कहा कि मुझे वास्तव में आश्चर्य होता है जब लोग ऐसा कहते हैं। भारत एक वास्तविक लोकतंत्र है। लोकतंत्र हमारा डीएनए है, लोकतंत्र हमारी रगों में है। हम लोकतंत्र जीते हैं. भारत संविधान से चलता है और सरकार उसी से चलती है। भेदभाव की बिल्कुल भी जगह नहीं है। जब आप लोकतंत्र कहते हैं और लोकतंत्र स्वीकार करते हैं तो भेदभाव की कोई जगह नहीं होती। भारत सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में विश्वास रखता है। भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों में भेदभाव की जगह नहीं है। यहां जाति, पंथ, धर्म या लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होता है।

पीएम मोदी ने कहा, आज हमारे द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा से व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में नया अध्याय जुड़ गया है। दो देशों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है। हमने अंतरिक्ष सहयोग में बड़ी छलांग लगाई है। यहां तक कि भारत-अमेरिका साझेदारी में अंतरिक्ष की भी कोई सीमा नहीं है। भारत और अमेरिका आतंकवाद और कट्टरवाद से लड़ने में एक साथ खड़े हैं। 2 नए वाणिज्य दूतावास खोलने के अमेरिका के फैसले का स्वागत है। सिएटल में भारतीय वाणिज्य दूतावास खुलेगा। इंडो पैसिफिक दुनिया के लिए अहम है। भारत अमेरिका आतंकवाद और कट्टरवाद में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद और कट्टरवाद से लड़ने में एक साथ खड़े हैं। आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है। हम सहमत हैं कि क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म को समाप्त करने के लिए ठोस कार्रवाई आवश्यक है। भारत ने यूक्रेन विवाद पर बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान पर जोर दिया है। विश्व के दो सबसे बड़े लोकतंत्र वैश्विक शांति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए मिलकर योजना बना रहे हैं। पूरा भारत आपका भारत में स्वागत करने को उत्सुक है। पीएम ने बाइडेन को भारत आने का न्योता भी दिया।

वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम साथ मिलकर असीमित क्षमता वाले साझा भविष्य के दरवाज़े खोल रहे हैं। स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन में तेज़ी लाने के लिए अंतरिक्ष उड़ान पर सहयोग और क्वांटम कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर सहयोग की ज़रूरत है। एअर इंडिया द्वारा बोइंग विमान खरीदने के समझौते से अमेरिका में 10 लाख नौकरियों को मदद मिलेगी।

बता दें कि पीएम मोदी अब डेप्ने दौरे के तीसरे दिन कुछ शीर्ष कारोबारी दिग्गजों से मुलाकात करेंगे। फिर उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन दोपहर भोज का आयोजन करेंगे। पीएम मोदी कैनेडी सेंटर में बिजनेस कम्युनिटी के 900 से अधिक लोगों को संबोधित करेंगे। और उसके बाद रोनाल्ड रीगन सेंटर में आयोजित भारतीय प्रवासियों के कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।

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