कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बोले- “हम इस वित्तीय वर्ष में सभी 5 गारंटियों को पूरा करेंगे”

कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा कि कैबिनेट ने चालू वित्त वर्ष में सभी पांच गारंटियों को पूरा करने का फैसला किया है। कर्नाटक में हाल ही में संपन्न हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 224 सीटों में से 135 सीटें जीतकर शानदार जीत हासिल की। अपने वादों और जनता के विश्वास के अनुरूप कांग्रेस अब अपने वादों को पूरा करने के लिए बाध्य है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय और उससे पहले हमने 5 गारंटियों का ऐलान किया था। हमारे (कर्नाटक) अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार और मैंने गारंटी कार्ड पर हस्ताक्षर किए और वादा किया कि हम सभी वादों को लागू करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि वे लोगों तक पहुंचे। उन्होंने कहा- “हमने आज कैबिनेट की बैठक की। हमने हमारे सभी पांच वादों पर गहन चर्चा की। हमने तय किया है कि सभी पांचों गारंटियों को चालू वित्त वर्ष में लागू किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 200 यूनिट मुफ्त बिजली की गारंटी का कार्यान्वयन 1 जुलाई से शुरू होगा। 200 यूनिट बिजली मुफ्त होगी…जिन उपभोक्ताओं ने जुलाई तक बिल का भुगतान नहीं किया है, उन्हें पे करना होगा।

उन्होंने कहा कि महिलाएं 1 जून से कर्नाटक में एसी, लग्जरी बसों के अलावा सार्वजनिक परिवहन बसों में मुफ्त में यात्रा कर सकती हैं। सीएम ने कहा, ‘अन्न भाग्य’ के तहत 1 जुलाई से बीपीएल परिवारों, अंत्योदय कार्ड धारकों को 10 किलो खाद्यान्न मुफ्त दिया जाएगा। सिद्धारमैया ने कहा, ‘गृह लक्ष्मी’ योजना, जिसके तहत परिवार की महिला मुखिया के लिए 2,000 रुपये मासिक सहायता देनी है, 15 अगस्त को शुरू की जाएगी।

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कांग्रेस पार्टी ने पाँच गारंटियों की रूपरेखा तैयार की थी, जिसमें सभी घरों (गृह ज्योति) को 200 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान करना, प्रत्येक परिवार की महिला मुखिया (गृह लक्ष्मी) को 2,000 रुपये की मासिक सहायता की पेशकश करना, गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के प्रत्येक सदस्य को 10 किलो मुफ्त चावल वितरित करना, बेरोजगार स्नातक युवाओं को 3,000 रुपये प्रति माह और बेरोजगार डिप्लोमा धारकों (18-25 वर्ष की आयु) को 1,500 रुपये प्रति माह दो साल (युवा निधि) के लिए अनुदान, और सार्वजनिक परिवहन बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा शामिल है।

कांग्रेस सरकार ने अनुमान लगाया है कि इन योजनाओं को लागू करने की वार्षिक लागत लगभग 50,000 करोड़ रुपये होगी। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री, के एच मुनियप्पा ने इन गारंटियों को पूरा करने के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता व्यक्त की है और आश्वासन दिया है कि 10 किलो चावल का वितरण बिना किसी झिझक के किया जाएगा एवं कहा कि इसके बारे में और जानकारी कैबिनेट के फैसले के बाद प्रदान की जाएगी।

चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि जिस दिन सरकार सत्ता में आएगी उस दिन योजनाओं को लागू किया जाएगा।

हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 20 मई को सत्ता संभालने के बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक के बाद कहा था कि सरकार गारंटी को लागू करने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत हो गई है और अगली कैबिनेट बैठक तक का समय मांगा है। सिद्धारमैया ने बाद में संवाददाताओं से कहा था कि, “हमने सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी है। हम विवरण प्राप्त करेंगे, चर्चा करेंगे, वित्तीय प्रभावों पर गौर करेंगे और फिर हम इसे सुनिश्चित करेंगे। वित्तीय प्रभाव जो भी हो, हम इन पांच गारंटी योजनाओं को पूरा करेंगे।”

यह पूछे जाने पर कि इसे कब लागू किया जाएगा, उन्होंने कहा: “संभव है कि इसे अगली कैबिनेट बैठक के बाद लागू किया जाएगा,” और कहा, “कैबिनेट का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। हमें इसके वित्तीय प्रभावों जैसे विवरणों पर काम करने की आवश्यकता है।”

यह पूछे जाने पर कि वादे करने से पहले इन पहलुओं पर गौर क्यों नहीं किया गया, मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया, ”वादों पर सहमति बनी है। हम पीछे नहीं हटेंगे।”

सिद्धारमैया ने कहा था कि इन गारंटियों पर 50,000 करोड़ रुपये खर्च करना राज्य के लिए बोझ नहीं होगा, जिसका बजट लगभग 3 लाख करोड़ रुपये सालाना है।

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