गैंगस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद को गुजरात के अहमदाबाद की साबरमती जेल से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस की एक टीम अतीक अहमद को प्रयागराज ले जा रही है, जहां उसे एक अपहरण के मामले में अदालत में पेश किया जाएगा। उत्तर प्रदेश की एक अदालत के आदेश के अनुसार, 2018 के अपहरण के एक मामले में फैसला 28 मार्च को सुनाया जाएगा। अतीक अहमद सहित मामले के सभी आरोपियों को उस दिन अदालत में पेश करने का निर्देश दिया गया है। इस बीच अतीक अहमद की बहन ने भाई के एनकाउंटर की आशंका जताई है। उन्होंने कहा है कि वे गुजरात से ही अतीक को ला रही पुलिस की टीम के काफिले के पीछे आ रही हैं।
अतीक अहमद को प्रयागराज ले जाने के लिए यूपी पुलिस रविवार सुबह अहमदाबाद पहुंची और वहां से गैंगस्टर अतीक को लेकर रवाना हुई।
प्रयागराज पुलिस अतीक अहमद के भाई अशरफ को भी बरेली जिला कारागार से प्रयागराज लेकर जा रही है। उत्तर प्रदेश कोर्ट के आदेश के मुताबिक अपहरण के एक मामले में 28 मार्च को फैसला सुनाया जाएगा।
मालूम हो कि जून 2019 से साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ने इस महीने की शुरुआत में सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उसने दावा किया कि उसे और उसके परिवार को प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी के रूप में झूठा फंसाया गया है और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। अतीक अहमद ने अपनी याचिका में कहा था कि उत्तर प्रदेश पुलिस अहमदाबाद से प्रयागराज ले जाने के लिए उनकी ट्रांजिट रिमांड और पुलिस रिमांड की मांग कर रही है और उसे “वास्तव में ये आशंका है कि इस ट्रांजिट अवधि के दौरान उसका सफाया हो सकता है”।
हालांकि, प्रयागराज की एक अदालत ने अपहरण के एक मामले में अपना आदेश पारित करने के लिए 28 मार्च की तारीख निर्धारित की है जिसमें अतीक अहमद आरोपी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि फैसले की तारीख पर सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया जाना है। इसके बाद यूपी पुलिस अतीक अहमद को प्रयागराज ले जाने के लिए अहमदाबाद पहुंची।
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने अतीक अहमद को प्रयागराज जेल में स्थानांतरित किए जाने पर यूपी के मंत्री जेपीएस राठौड़ के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि, ”सीएम (योगी आदित्यनाथ) ने उन्हें (यूपी के मंत्री जेपीएस राठौड़) पहले ही बता दिया होगा कि कार कहां और कैसे पलटी जाएगी। अगर आप गूगल और अमेरिका की मदद लेंगे तो वे बता देंगे कि कार कैसे और कब पलटी थी।’
इस पर जेपीएस राठौर ने जवाब दिया, ”जहां तक कार पलटने की बात है, तो मैंने सिर्फ इतना कहा था कि अपराधी को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद शांति से कार में बैठना चाहिए, ताकि वह सुरक्षित जेल पहुंच जाए।” अगर वह कार से दूर भागने की सोचता है, तो असंतुलन हो सकता है और कार पलट सकती है।”
यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी अखिलेश यादव की टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा, ‘हम कोर्ट के आदेश का पालन कर रहे हैं। कोर्ट जो कहेगा वही किया जाएगा। इस तरह की बातचीत से कोई फर्क नहीं पड़ता।”
बता दें कि अतीक अहमद हाल ही में हुए उमेश पाल हत्याकांड समेत 100 से अधिक आपराधिक मामलों में नामजद है। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक राजू पाल की 2005 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की भी इस साल 24 फरवरी को प्रयागराज स्थित उनके आवास के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
