दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली शराब नीति मामले में दो दिन की पूछताछ के बाद गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई द्वारा इसी मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद सिसोदिया फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। ईडी ने पहली बार 7 मार्च को करीब पांच घंटे तक उनका बयान दर्ज किया था।
ये गिरफ्तारी तिहाड जेल नंबर 1 के अंदर हुई जहां मनीष सिसोदिया से गुरुवार सुबह करीब 10 बजे से ED की टीम उनसे पूछताछ कर रही थी। 8 घंटे की पूछताछ के बाद मनीष सिसोदिया को ED ने गिरफ्तार कर लिया। मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी ED के मनी लांड्रिंग के केस में हुई है।
मालूम हो कि ED इस केस में अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है और मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी 12वीं है। सूत्रों की माने तो कई सवालों के जवाब संतोषजनक नही दिए जाने पर उनकी गिरफ्तारी की गई है। सिसोदिया को शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट में ED पेश करेगी जहां से उनकी आगे रिमांड मांगी जाएगी।
सिसोदिया से मामले के विभिन्न पहलुओं में पूछताछ की गई जिसमें- बार-बार फोन बदलकर सबूतों को नष्ट करना, थोक विक्रेताओं के लिए लाभ मार्जिन को पांच प्रतिशत से 12 प्रतिशत तक बदलना, आप नेताओं की ओर से कथित साउथ ग्रुप द्वारा विजय नायर को भुगतान की गई रिश्वत और मंत्री समूह की रिपोर्ट से संबंधित नीति को बदलने का निर्णय इत्यादि शामिल है।
ईडी द्वारा सिसोदिया की गिरफ्तारी के तुरंत बाद, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, “मनीष को पहले CBI ने गिरफ़्तार किया। CBI को कोई सबूत नहीं मिला, रेड में कोई पैसा नहीं मिला। शुक्रवार को बेल पर सुनवाई है। शुक्रवार को मनीष छूट जाते। तो आज ED ने गिरफ़्तार कर लिया। इनका एक ही मक़सद है – मनीष को हर हालत में अंदर रखना। रोज़ नये फ़र्ज़ी मामले बनाकर। जनता देख रही है। जनता जवाब देगी”।
केजरीवाल के ट्वीट का जवाब देते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्वीट किया- शुक्रवार को मनीष छूट जाते?? आप इसे पहले से कैसे जानते थे? इस स्टेटमेंट का क्या मतलब है?कृपया वही पुराना पीड़ित कार्ड खेलना बंद करें, जो आपने सत्येंद्र जैन के लिए खेला था- आपने कहा था कि ईडी के पास उन पर कार्रवाई करने का कोई आधार नहीं है। वह पिछले 9 महीनों से अदालत की वजह से जेल में हैं!
बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने भी ट्वीट किया- मनीष सिसोदिया की ED द्वारा गिरफ़्तारी स्वागत योग्य है। हवाला के माध्यम से पैसों का जो लेन-देन शराब घोटाले में किया गया, उसकी जांच के लिए ये गिरफ़्तारी ज़रूरी। इस मामले में सत्येंद्र जैन की भूमिका भी जुड़ी हुई है। भ्रष्ट सिसोदिया को न्याय का सामना करना पड़ेगा।
गुरुवार को मनीष सिसोदिया ने जेल से देश के नाम पत्र भी लिखा है। सिसोदिया ने पत्र में लिखा कि BJP लोगों को जेल में डालने की राजनीति कर रही है। हम बच्चों को पढ़ाने की राजनीति कर रहे हैं। जेल भेजना आसान है लेकिन बच्चों को पढ़ाना बहुत मुश्किल। राष्ट्र शिक्षा से आगे बढ़ेगा, जेल भेजने से नहीं।
सिसोदिया ने कहा, “अत्याधुनिक स्कूल और कॉलेज खोलने और चलाने की तुलना में राजनीतिक विरोधियों को धमकी देकर सरकार या सरकार चलाने के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को जेल में डालना आसान है।” उन्होंने आगे लिखा- “शिक्षा के लिए माता-पिता, बच्चों और शिक्षकों को प्रेरित करना एक लंबा काम है। लेकिन जेल की राजनीति में महारत हासिल करने के लिए आपको केवल जांच एजेंसियों के चार अधिकारियों पर दबाव बनाने की जरूरत है।”
आप नेता ने ‘भविष्य शिक्षा की राजनीति का है’ का दावा करते हुए कहा कि, “बीजेपी शासित राज्यों में स्कूल बदहाल हैं, लेकिन उनके मुख्यमंत्री अब शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के बारे में शेखी बघारते हुए टेलीविजन पर पांच मिनट का विज्ञापन देने के लिए मजबूर हैं।”
बता दें कि दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी। दिल्ली के पूर्व मंत्री को कथित दिल्ली शराब घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
