सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को 5 नए जजों की नियुक्ति हुई है। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति संजय करोल, न्यायमूर्ति संजय कुमार, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई। इन पांचो जजों के शपथग्रहण के साथ सुप्रीम कोर्ट में अब जजों की संख्या 32 हो गई है।
जानिए, कौन हैं सुप्रीम कोर्ट के ये नए 5 जज-
जस्टिस पंकज मिथल: जस्टिस पंकज राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस थे। इन्हें 1985 में बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में शामिल किया गया था। उन्होंने साल 1982 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया और मेरठ कॉलेज से लॉ किया।
जस्टिस संजय करोल: जस्टिस करोल नवंबर 2019 से पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले वे त्रिपुरा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस थे.जस्टिस करोल हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में भी कार्यवाहक चीफ जस्टिस के रूप में कार्य कर चुके इैं। जस्टिस संजय करोल का जन्म साल 1961 में शिमला में हुआ था। इन्होंने शिमला के ही सेंट एडवर्ड स्कूल से पढ़ाई की और हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री ली।
जस्टिस पीवी संजय कुमार: जस्टिस संजय वर्ष 2021 से मणिपुर हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले वे पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में जस्टिस थे। उन्होंने साल 2000 से 2003 के बीच आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट में बतौर सरकारी वकील काम किया और फिर साल 2008 में तेलंगाना उच्च न्यायालय के अतिरिक्त जज के रूप में काम किया। जस्टिस संजय ने हैदराबाद के निजाम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और फिर दिल्ली विश्वविद्यालय से लॉ की डिग्री हासिल की।
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह: जस्टिस अमानुल्लाह पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। वे साल 2011 में पटना हाईकोर्ट में जस्टिस बने और फिर 2021 में उनका तबादला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में हो गया। लेकिन जून 2022 में दोबारा उन्हें पटना हाईकोर्ट भेज दिया गया। उन्हें सितंबर 1991 में बिहार स्टेट बार काउंसिल में शामिल किया गया था। जस्टिस अमानुल्लाह बिहार से ही ताल्लुक रखते हैं और हैं उन्होंने पटना के लॉ कॉलेज से डिग्री प्राप्त की है।
जस्टिस मनोज मिश्रा: जस्टिस मनोज मिश्रा इलाहाबाद मुख्य न्यायलय के जज हैं। उन्होंने साल 2011 में जस्टिस के रूप में शपथ ली थी। जस्टिस मनोज मिश्रा इलाहाबाद हाईकोर्ट के दीवानी, राजस्व, आपराधिक और संवैधानिक पक्षों में अभ्यास कर चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद केंद्र सरकार ने 4 फरवरी को इन पांच जजों की नियुक्ति को हरी झंडी दी थी। लॉ मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने इस बारे में ट्वीट किया था और लिखा था कि, ‘भारत के संविधान के तहत राष्ट्रपति ने हाईकोर्ट के पांच जजों को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति किया है। मैं सभी को शुभकामनाएं देता हूं’।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने बीते 13 दिसंबर को इन जजों के नाम मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेजे थे। इन पांचों जजों के शपथ के साथ कुल जजों की संख्या 32 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में जजों की सैंक्शन स्ट्रेंथ 34 है।
