उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट और पांच राज्यों की छह विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सोमवार सुबह से कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी है। उत्तर प्रदेश में रामपुर सदर और खतौली, ओडिशा में पदमपुर, राजस्थान में सरदारशहर, बिहार में कुढनी और छत्तीसगढ़ में भानुप्रतापपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान चल रहा है। मैनपुरी में सपा और बीजेपी के बीच जबरदस्त टक्कर है। यूपी में रामपुर सदर और खतौली विधानसभा सीटों पर भी बीजेपी और सपा-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। बसपा और कांग्रेस इन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में हो रहे इन उपचुनावों में 24.43 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे जिसमे 13.14 लाख पुरुष, 11.29 लाख महिला और 132 तृतीय श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। 1,945 मतदान केंद्रों में स्थित 3,062 मतदान बूथ पर सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक वोटिंग होगी।
मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव-
मैनपुरी में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की विरासत के साथ ही साथ समाजवादी पार्टी का सबकुछ दांव पर लगा है। मुलायम सिंह के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इसके बाद इस लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच कड़ी टक्कर है। मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में मुलायम सिंह की बहू और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव सपा की उम्मीदवार हैं, जबकि बीजेपी ने रघुराज सिंह शाक्य को मैदान में उतारा है. शाक्य मुलायम के भाई शिवपाल सिंह यादव के विश्वासपात्र रह चुके हैं।
उत्तर प्रदेश की रामपुर सदर और खतौली सीटों पर उपचुनाव-
रामपुर सदर और खतौली विधानसभा सीटों पर सपा विधायक आजम खान और भाजपा विधायक विक्रम सिंह सैनी को अयोग्य घोषित किए जाने के कारण उपचुनाव हो रहा है। आजम खान को 2019 के अभद्र भाषा मामले में एक अदालत द्वारा तीन साल के कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद अयोग्य घोषित कर दिया गया था। तो वहीं सैनी ने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़े एक मामले में उनकी सजा के ऐलान के बाद विधानसभा की सदस्यता खो दी थी।
सरदारशहर सीट पर उपचुनाव-
सरदारशहर सीट कांग्रेस विधायक भंवर लाल शर्मा के पास थी, जिनका लंबी बीमारी के बाद 9 अक्टूबर को निधन हो गया था। इस सीट पर भाजपा व कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर है। यहां कांग्रेस ने दिवंगत विधायक भंवर लाल शर्मा के बेटे अनिल कुमार को मैदान में उतारा है। तो वहीं, भाजपा ने पूर्व विधायक अशोक कुमार पर भरोसा जताया है।
ओडिशा की पदमपुर सीट पर उपचुनाव-
पदमपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव बीजद विधायक बिजय रंजन सिंह बरिहा के मृत्यु के कारण हो रहा है। बीजद ने इस सीट से दिवंगत विधायक की बेटी वर्षा को उम्मीदवार बनाया है वहीं भाजपा ने पूर्व विधायक प्रदीप पुरोहित और कांग्रेस ने तीन बार के विधायक सत्य भूषण साहू को उम्मीदवार बनाया है।
छत्तीसगढ़ के भानुप्रतापपुर सीट पर उपचुनाव-
कांकेर जिले में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित भानुप्रतापपुर सीट पर उपचुनाव हो रहा है। कांग्रेस विधायक और विधानसभा के उपाध्यक्ष मनोज सिंह मंडावी की मृत्यु के कारण ये सीट खाली हुआ है। इस सीट पर मैदान में सात उम्मीदवार हैं। इस सीट पर मुख्य रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला है। कांग्रेस ने दिवंगत विधायक की पत्नी सावित्री मंडावी को मैदान में उतारा है, जबकि भाजपा के उम्मीदवार पूर्व विधायक ब्रह्मानंद नेताम हैं।
कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव-
बिहार के कुढ़नी विधानसभा सीट पर उपचुनाव राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के विधायक अनिल कुमार साहनी को अयोग्य ठहराए जाने के कारण हो रहा है। यहां से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के उम्मीदवार मनोज सिंह कुशवाहा की जीत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की स्थिति को मजबूत करेगी।
मालूम हो कि उपचुनाव के नतीजों का केंद्र या राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि BJP को दोनों जगहों पर बहुमत हासिल है। हालांकि, इन चुनावों में जीत 2024 के आम चुनावों से पहले पार्टियों को एक मनोवैज्ञानिक लाभ प्रदान करेगी।
