श्रद्धा मर्डर केसः दिल्ली HC ने खारिज की CBI को केस ट्रांसफर की याचिका, आरोपी आफताब की पुलिस रिमांड बढ़ी, दिल्ली पुलिस की 80 प्रतिशत जांच हुई पूरी

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मंगलवार को श्रद्धा केस के आरोपी आफताब की पुलिस रिमांड 4 दिनों के लिए बढ़ा दी है। आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साकेत कोर्ट में आरोपी की पेशी हुई। अपनी पेशी के दौरान कोर्ट में आरोपी आफताब ने आज कई खुलासे किये। आफताब ने कोर्ट को बताया कि जो भी आरोप उसके ऊपर लगाए जा रहे हैं, उन आरोपों में पूरी तरीके से सच्चाई नहीं है लेकिन जो कुछ भी मेरे द्वारा किया गया, वह गुस्से में किया गया था। आफताब ने कोर्ट को बताया कि वह जांच में पुलिस को पूरा सहयोग कर रहा है। आरोपी ने कहा कि ज्यादा दिन होने के कारण वह बहुत कुछ याद नहीं कर पा रहा है। उसने कहा कि, वह सबकुछ एक बार में याद नहीं कर सकता, लेकिन जैसे-जैसे उसे याद आता जाएगा, वह पुलिस को बता देगा। आरोपी आफताब ने साकेत कोर्ट को बताया कि उसने पुलिस को मैप बनाकर बताया था कि कहां-कहां श्रद्धा के लाश के टुकड़ों को फेंका है। एक तालाब के पास उसने श्रद्धा की खोपड़ी फेंकी थी. काफी समय बीत जाने कारण उसे सही लोकेशन याद नहीं है। आफताब ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपने परिवार से मिलने की इजाजत के लिए कहा. इस पर कोर्ट से उसे परिवार से मिलने की इजाजत दे दी गई। आफताब के वकील अविनाश कुमार ने बताया कि अभी तक उन्होंने भी आफताब से मुलाकात नहीं की है। आज कोर्ट से मिलने की इजाजत मांगी, जिस पर कोर्ट ने इजाजत दे दी।

सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने अभी तक करीब 18 हड्डियां बरामद की हैं। महरौली, छतरपुर के जंगल से ही ये हड्डियां बरामद की गई हैं। सीएफएसएल सभी हड्डियों की जांच कर रही है।

वहीँ दूसरी तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने श्रद्धा केस की जांच को पुलिस से सीबीआई को ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट का कहना है कि हमें इस दलील पर विचार करने का एक भी अच्छा कारण नहीं मिला. दिल्ली हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा बिना किसी रिर्सच के दिल्ली पुलिस के खिलाफ आरोप लगाए जा रहे हैं, हम याचिका को जुर्माने के साथ खारिज कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में कहा कि यह याचिका सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दाखिल की गई है. दिल्ली पुलिस की एक टीम हिमाचल और दूसरी टीम बॉम्बे में जांच कर रही है। उस पर हाई कोर्ट ने कहा कि दिल्ली पुलिस मामले में जांच कर रही है कोर्ट जांच की मॉनिटर नही करेगा। इस याचिका के जवाब में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अगुवाई वाली एक टीम द्वारा की जा रही है और 80% की जांच पूरी हो चुकी है।

मालूम हो कि दिल्ली हाईकोर्ट के एक वकील ने पानी इस याचिका में दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए थे। वकील ने कहा था कि पुलिस मामले से जुडी संवेदनशील जानकारियां भी मीडिया में लीक की जा रही है। इसके अलावा इस वारदात के प्रमुख स्थानों को ना तो सील किया गया है और ना ही इन स्थानों पर आम आदमी की आवाजाही रोकने के लिए ही कुछ इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में इन स्थानों पर मीडिया और आम नागरिक जाकर सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं।

जल्द ही होगा आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट-

FSL के सूत्रों के हवाले से खबर है कि आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट जल्द ही हो सकता है। रोहिणी की FSL की जो टीम आफताब का पॉलीग्राफ टेस्ट करेगी। आफताब के नार्को टेस्ट से पहले पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। आफताब के पॉलीग्राफ टेस्ट में 1 से 2 दिन तक का समय लग सकता है। पहले दिन आफताब के पॉलीग्राफ टेस्ट में तकरीबन 8 घंटे तक का समय लग सकता है।

बता दें कि इस केस में दिल्ली पुलिस की जांच दिल्ली समेत अन्य राज्यों में भी चल रही है। दिल्ली पुलिस हिमाचल में आफताब और श्रद्धा के टूर से जांच की कड़ियां जोड़ रही हैं तो मुंबई में चश्मदीदों, श्रद्धा के दोस्तों और परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साइबर सेल साउथ डिस्ट्रिक्ट, आईएफएसओ यूनिट, साउथ स्पेशल स्टाफ समेत तकरीबन 200 पुलिसकर्मी जांच में लगे हैं।

इस केस में तलाशी अभियान के लिए पुलिस ने 14 टीमें बनाई हैं। श्रद्धा की हत्या के बाद के अगले दिन से आफताब के मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने एक रुट बनाया है और उसी पूरे रुट के जरिए तलाशी होगी। महरौली और गुरुग्राम में कूड़ा बीनने वालों से भी की पूछताछ जाएगी। आफताब आरी को फेंकने के लिए कैब से गुरुग्राम गया था। आफताब आम तौर पर मैट्रो से ऑफिस जाता था, लेकिन जिस दिन वो अपने बैग में हथियार डालकर वो उसे फेंकने गया उस दिन उसने कैब बुक की थी।

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में आफताब ने बताया है कि उसने श्रद्धा मर्डर में इस्तेमाल आरी और ब्लेड गुरुग्राम की DLF फेज 3 की झाड़ियों में फेंका है। जबकि चापड़ उसने महरौली के 100 फूटा रोड स्थित कूड़ेदान में फेंक दिया है। दिल्ली पुलिस की टीम 2 बार गुरुग्राम में उन झाड़ियों की जांच कर चुकी है। पहले दिन (बीते शुक्रवार) की जांच के बाद दिल्ली पुलिस की टीम गुरुग्राम की झाड़ियों से कुछ सबूत लेकर निकली थी, जिसे CFSL जांच के लिए भेजा गया है। जबकि दूसरे दिन यानी (बीते शनिवार) की जांच में दिल्ली पुलिस मेटल डिटेक्टर के साथ गुरुग्राम गई थी लेकिन तब पुलिस खाली हाथ वापस लौटी।

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