श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में पुलिस दिन-रात सुराग ढूंढने में जुटी हुई है। दिल्ली पुलिस की टीम देश के 5 राज्यों- दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल और महाराष्ट्र की पुलिस टीमों के साथ मिलकर सबूत खंगालने में लगी है। इस खौफनाक मर्डर में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं।
पिछले चार दिनों से दिल्ली पुलिस आफताब को लेकर जंगलों में घूम रही है। पहले पुलिस आरोपी को लेकर दो अलग अलग दिन महरौली के जंगल गई थी और फिर गुरुग्राम के जंगल भी पहुंची। पुलिस को आरोपी आफताब की निशानदेही पर अभी तक 13 हड्डियां बरामद हुई है। लेकिन अभी ये पता नहीं है कि ये हड्डियां श्रद्धा की है या फिर किसी और की। पिछले चार दिनों में करीब 14 घंटे दिल्ली पुलिस महरौली के जंगलों को छान चुकी है। दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम में सर्च अभियान के दौरान कुछ साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने गुरुग्राम में आफताब के ऑफिस के पास के जंगल से कुछ चीजें भी कब्जे में ली हैं। दिल्ली पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य सुराग और सबूत को भी ढूंढने में लगी है जिनकी तलाश दिल्ली समेत देश के पांच अलग अलग राज्यों में कर रही है। श्रद्धा और आफताब से जुड़ी और भी जानकारियां जुटाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमें मुंबई, उत्तराखंड और हिमाचल में भी मौजूद हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली पुलिस की टीम के दो अधिकारी महाराष्ट्र के वसई भी पहुंच गए हैं और जांच कर रहे हैं।
दिल्ली के 15 जिलों के 178 थाने एक साथ लाश के टुकड़े तलाश रहे हैं। दिल्ली पुलिस की जांच आसान नहीं दिख रही क्योंकि अभी तक श्रद्धा के शरीर के बाकी टुकड़े नहीं मिल पाए हैं। दिल्ली पुलिस के 178 थानों की पुलिस को आदेश दिया गया है कि वो फौरन पता करें कि इस साल मई से लेकर जुलाई तक उनके थाना इलाके में कितनी अज्ञात लाश या किसी लाश के टुकड़े बरामद हुए हैं। उन लाशों या लाशों के टुकड़ों का क्या रिजल्ट रहा?
इस मर्डर केस का इकलौता आरोपी आफताब दिल्ली पुलिस के रिमांड पर है। पुलिस लगातार उससे पूछताछ कर रही है। आफताब ने अभी तक की पूछताछ में जो कुछ कबूल किया है या फिर जो पुलिस को बताया है उससे पुलिस के लिए इस केस से जुड़े सबूत जुटाना एक मुश्किल भरा काम साबित होता जा रहा है। पुलिस को अभी तक ना तो श्रद्धा का मोबाइल फोन मिला, ना ही उसके कपड़े और ना ही लाश के टुकड़े करने में इस्तेमाल की गई आरी।
दिल्ली पुलिस को आरोपी आफताब का नार्को टेस्ट कराने की अनुमति भी साकेत कोर्ट से मिल गई है। माना जा रहा है कि नार्को टेस्ट के जरिए पुलिस उन तमाम सबूतों तक पहुंचने में सफल हो सकती है, जिनकी उसे तलाश है।
मर्डर का ये मामला वारदात के तकरीबन छह महीने बाद सामने आया है, जिस वजह से यह पूरा मामला फिलहाल पूरी तरह परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर टिका हुआ है। शुक्रवार को खबर आई है कि FSL की टीम पूर्वी दिल्ली में इसी साल जून में मिले लाश के टुकड़ों के DNA के मिलान जंगलों में मिली हड्डियों से करेगी। एक अधिकारी ने बताया है कि FSL को बताया गया है कि ईस्ट दिल्ली में मिले लाश के टुकड़ों का DNA जल्द से जल्द संरक्षित कर लें।
इस केस को कोर्ट में प्रमाणित करना दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। यह चुनौती इसलिए भी है कि अब तक पुलिस के पास वारदात की कड़ियां जोड़ने वाले पुख्ता सबूत नहीं हैं। पुलिस को आरोपी की निशानदेही पर जो हड्डियां व अन्य सबूत मिले हैं, वह कोर्ट में उठने वाले सवालों के जवाब में पर्याप्त नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अब श्रद्धा की खोपड़ी व अन्य बॉडी पार्ट की तलाश तेज कर दी है।
दिल्ली पुलिस आफताब, श्रद्धा और उनके दोस्तों की चैट्स को रिट्रीव करने में भी लगी हुई है। पुलिस श्रद्धा की हत्या के दिनों के दौरान की वॉट्सऐप चैट को रिट्रीव करने में लगी है। पुलिस ने इसके लिए अलग-अलग मैसेजिंग ऐप्स से चैट की पूरी जानकारी मांगी है।
दिल्ली पुलिस श्रद्धा और आफताब के मोबाइल फोन की लास्ट लोकेशन का पता लगाने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटर्स को भी पत्र लिखने जा रही है जिनसे 18 मई को श्रद्धा की हत्या के दिन और उससे पहले और बाद की लोकेशन की जानकारी प्राप्त की जाएगी। दिल्ली पुलिस गूगल को भी पत्र लिख सकती है जिससे ये पता चल पाएगा कि आफताब ने इंटरनेट पर क्या-क्या सर्च किया।
सूत्रों ने पुलिस के हवाले से बताया कि आरोपी आफताब ने श्रद्धा की ह्त्या करने से पहले अमेरिकी क्राइम शो डेक्स्टर समेत कई क्राइम मूवीज और शोज देखे थे। इसके बाद ही उसने श्रद्धा का मर्डर किया और आरी से काटकर उसकी बॉडी के 35 टुकड़े किए। डेक्स्टर एक अमेरिकी क्राइम ड्रामा और साइकोलॉजिकल थ्रिलर शो है, जो 2006 से 2013 के बीच ऑनएयर हुआ। इसके 8 सीजन हैं। इस शो का मुख्य किरदार डेक्स्टर मॉर्गन दिन में पुलिस के लिए फोरेंसिक टेक्नीशियन के तौर पर काम करता है, जबकि रात को वह सीरियल किलर के तौर पर उन अपराधियों का मर्डर करता है जिन्होंने बर्बर अपराध किए, लेकिन कानून ने उन्हें सही सजा नहीं दी।
सूत्रों से खबर है कि श्रद्धा की ह्त्या करने से पहले भी एक बार आफताब ने उसकी जान लेने की कोशिश की थी। 23 नवंबर साल 2020 को मुम्बई में नालासुपारा पुलिस स्टेशन में श्रद्धा ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। श्रद्धा ने अपने दोस्तों को भी इस मारपीट के बारे में बताया था। उस समय पुलिस ने जब आफताब को थाने बुलाया तो उसने खुदकुशी की धमकी का नाटक कर श्रद्धा से शिकायत वापस करवा दी थी। दिल्ली पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है।
आफताब ने पुलिस को अब तक के पूछताछ में क्या मिला ?
– सूत्रों के मुताबिक आफताब ने पूछताछ में बताया कि वो नशे का आदी है। गांजा पीने को लेकर श्रद्धा उसे टोका करती थी. कत्ल के दिन यानी 18 मई के दिन भी उसने नशा किया हुआ था।
– उसने बताया कि 18 मई को उसके और श्रद्धा के बीच घर के खर्च चलाने और मुंबई से कुछ सामान दिल्ली लाने को लेकर लड़ाई हुई। जिसके बाद आफताब घर के बाहर गया, और गांजे की सिगरेट पीकर वापस आ गया।
– आफताब ने बताया कि वो श्रद्धा को मारना नहीं चाहता था पर श्रद्धा उसके ऊपर चिल्लाए जा रही थी जिस पर उसे अचानक गुस्सा आया और उसने श्रद्धा का गला इतनी तेज दबाया कि उसने सांस लेना बंद कर दिया।
मामला क्या है?
मुंबई के रहने वाले आफताब आमीन पूनावाला ने दिल्ली में अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वाल्कर की 18 मई, 2022 को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी। और फिर उसने शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने महरौली में अपने किराए के घर में करीब तीन सप्ताह तक एक 300 लीटर के फ्रिज में स्टोर कर रखा था और फिर उन टुकड़ों को कई दिनों तक रात 2 बजे घर से निकलकर महरौली के जंगल के विभिन्न हिस्सों में फेंकता रहा।
