बेंगलुरु कोर्ट ने कांग्रेस और भारत जोड़ो के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक करने का दिया आदेश, पार्टी ने कहा- हमें नहीं मिली ऑर्डर की कॉपी

कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए कुछ वीडियोज को लेकर कॉपीराइट का मामला आया है। बेंगलुरु की एक अदालत ने आदेश दिया है कि कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के अकाउंट को ब्लॉक कर दिया जाए। हालांकि, पार्टी ने कहा है कि उन्हें कोर्ट का आदेश अभी नहीं मिला है। वहीं, अभी तक कांग्रेस और भारत जोडो यात्रा का अकाउंट भी चल ही रहा है।

कांग्रेस पर कॉपीराइट एक्ट के तहत शिकायत दर्ज होने के बाद बेंगलुरु कोर्ट ने ऐसा आदेश दिया है। ये शिकायत एमआरटी म्यूजिक की तरफ से दर्ज की गई थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए जो मार्केटिंग वीडियोज तैयार किए हैं, उसमें केजीएफ चैप्टर 2 के साउंड रिकॉर्ड का अवैध रूप से उपयोग किया गया है। और ऐसा करने के लिए कांग्रेस की तरफ से एमआरटी म्यूजिक की अनुमति/लाइसेंस नहीं मांगी गई थी।

कोर्ट ने इस मामले में आदेश जारी करते हुए मामले को गंभीरता से जांच करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो इसका कोई प्रभाव नहीं होगा। कोर्ट ने कहा है कि याचिकाकर्ता ने कोर्ट में ये साबित कर दिया है कि उनके ऑरिजनल म्यूजिक में बदलाव करके उसका इस्तेमाल किया गया। कोर्ट ने अपने दिए आदेश में कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल से उन सभी वीडियोज को हटाने के लिए कहा है जिनमें फिल्म के म्यूजिक का इस्तेमाल हुआ है। और साथ ही ट्विटर को अपने प्लेटफॉर्म से तीन लिंक हटाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक भी करने का आदेश दिया।

एमआरटी म्यूजिक की शिकायत के आधार पर यशवंतपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज इस एफआईआर में राहुल गांधी, जयराम रमेश और सुप्रिया श्रीनेत का नाम है। इनके खिलाफ धारा 403 (संपत्ति की बेईमानी), 465 (जालसाजी), 120 धारा 403, 465 और 120बी आर/डब्ल्यू धारा 34 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत और धारा 63 कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

वहीं इस मामले पर कांग्रेस पार्टी की तरफ से बताया गया है कि, ‘बेंगलुरु हाई कोर्ट के कांग्रेस और भारत जोड़ो यात्रा के ट्विटर हैंडल को ब्लॉक किए जाने के आदेश की जानकारी हमें सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुई है। इस मामले में कोर्ट की सुनवाई के दौरान हम मौजूद नहीं रहे। हमें कोर्ट के आदेश की कोई कॉपी भी अभी तक नहीं मिली है। हम मामले को लेकर अपने स्तर पर कानूनी सलाह ले रहे हैं।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *