गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी हैं। दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अहमदाबाद में इसका ऐलान किया। आप संयोजक ने ईसूदान गढ़वी को राज्य में पार्टी का सीएम उम्मीदवार घोषित किया।
जैसे ही केजरीवाल ने ईसूदान गढ़वी के नाम का एलान किया, वो भावुक हो गए। गढ़वी अपनी कुर्सी से उठे, पहले अरविंद केजरीवाल को प्रणाम किया और फिर मंच पर ही बैठी अपनी मां का आशीर्वाद लिया। इस कार्यक्रम के दौरान मंच पर आप के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी मौजूद रहे।
आम आदमी पार्टी ने पंजाब की ही तरह गुजरात में भी लोगों से पूछा था कि वो किसे मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहते हैं। उन्होंने जनता की राय जानने के लिए एक नंबर जारी किया था, जिस पर कॉल और वाट्सएप के जरिए 3 नवंबर तक जनता को अपनी राय भेजनी थी। अरविंद केजरीवाल ने आज बताया कि जो नंबर जारी किया गया था उस पर 1648500 लोगों का जवाब आया और 73 फीसदी लोगों ने इशुदान गढ़वी के नाम पर अपनी सहमति दी है। बता दें कि पंजाब में इसी तरीके से सीएम उम्मीदवार के रूप में भगवंत मान के नाम की घोषणा की गई थी।
आम आदमी पार्टी ने 3 नवंबर (गुरुवार) को 182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए 10 उम्मीदवारों की अपनी 9वीं सूची जारी की जिसको मिलकर अब तक पार्टी ने 118 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में-1 और 5 दिसंबर को होंगे जबकि वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।
कौन हैं इसुदान गढ़वी?
इसुदान गढ़वी राजनीति में आने से पहले एक टीवी पत्रकार थे। साल 2015 में एक गुजराती चैनल (वी-टीवी) के एक प्रोग्राम ‘महामंथन’ से उन्हें पत्रकारिता जगत में अपनी एक पहचान मिली और उन्हें हर कोई जानने लगा. इस शो के एंकर इसुदान का ये कार्यक्रम आम लोगों और किसानों पर केंद्रित था। इनका जन्म द्वारका जिले के पिपलिया में हुआ था. इन्होने अपनी पढाई द्वारका जिले के ही जाम खंभालिया से की। वाणिज्य में स्नातक करने के बाद इन्होने 2005 में गुजरात विद्यापीठ से पत्रकारिता की पढ़ाई की।
इसुदान गढ़वी ही क्यों बनाए गए हैं आप के सीएम पद के उम्मीदवार?
इसुदान गढ़वी (40) ओबीसी समाज से ताल्लुक रखते हैं। गुजरात में ओबीसी समाज की हिस्सेदारी लगभग 48 फीसदी है। गढ़वी समाज की गुजरात के बड़े शहरों जैसे कि राजकोट, जामनगर, कच्छ, बनासकांठा और जूनागढ़ जैसे जिलों में अच्छी खासी आबादी है। वैसे देखें तो आबादी के हिसाब से गढ़वी समाज की भागीदारी एक फीसदी से भी कम है। सूत्रों से जो खबर है उसके मुताबिक़, इसुदान गढ़वी खंभालिया विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। इस सीट पर अभी भाजपा का कब्जा है। मेघजी कंजारिया यहाँ से वर्तमान में विधायक हैं। और अगर इसुदान खंभालिया सीट से नहीं लड़ते हैं तो फिर वे राजकोट से चुनावी समर में किस्मत आजमा सकते हैं।
