प्रयागराज: कड़ाके की ठंड से लोग बेहाल हैं। हवा में गलन, तापमान में गिरावट होने से जहां रविवार से जिले में ठंड में हुई बढ़ोतरी अभी तक जारी है। वहीं सोमवार की सुबह से आसमान में सूरज और बादलों की आंख मिचौली चल रही है। जिससे शीतलहर का प्रकोप है।
अभी जनपद के लोगों को ठंड से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।शहर और जिले में ठंड ने इस अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।पहले लगातार कई दिनों तक बारिश और घनी धुंध से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा और अब ठंड ने सब को परेशान कर दिया है। गलन और ठिठुरन वाली ठंड से शहरी बहुत परेशान दिखे।मंगलवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। यहां शिमला से ज्यादा ठंड रही। न्यूनतम पारा चार डिग्री सेल्सियस के रिकार्ड स्तर पर चार डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तापमान के लिहाज से शिमला से ज्यादा प्रयागराज ठंडा रहा। इससे पहले पिछले साल 12 फरवरी को 3.7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। मंगलवार की ही तरह बुधवार भी रहा। सुबह से लेकर दोपहर तक शीतलहरी का जबरदस्त प्रकोप रहा।दोपहर 12 बजे के बाद खिली हुई धूप निकली जरूर लेकिन वह बहुत देर तक लोगों को राहत नहीं दे सकी। मध्यान्ह 3 बजते बजते फिर से ठिठुरन बढ़ गई। अचानक से बढ़ी ठंड ने गरीबों के लिए मुसीबत पैदा कर दी है।शहर में अलाव जलते तो दिख रहे हैं।लेकिन वह उतनी संख्या में नहीं है जितनी जरूरत है। रेलवे स्टेशन और आसपास लोग आग तापते नजर आए।
गलन वाली ठंड का प्रकोप शीतलहरी के कारण प्रचंड रहा। लोगों के हाथ पैर के तलुए सुन्न ही नहीं हुए नसों में खून जमाने वाली ठंड महसूस की गई। सुबह घना कोहरा फिर धुंध छाई रही। दिन भर सर्द हवाएं नश्तर की तरह चुभती रहीं। दोपहर बाद निकली धूप बेहद कमजोर रही। मौसम विभाग के मुताबिक अभी ठंड प्रभावी रहेगी। अगले 72 घंटों में बादलों की धमाचौकड़ी हो सकती है। गरज चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि के भी आसार हैं।सुबह की कोहरा परेशानी का कारण बना। कोहरा छंटा तो धुंध फिर कुछ घंटे के लिए बादलों की आवाजाही ठंड कड़क होने का कारण बनी। दोपहर करीब 12 बजे सूर्यदेवता ने दर्शन भले ही दिए, लेकिन सर्द हवाओं के आगे सूरज बेदम दिखा। थोड़ी देर के लिए निकली धूप लोगों को ठंड से राहत नहीं दे सकी। लोगों को शीतलहरी के कारण घरों के दरवाजे बंद रखने पड़े।
