कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को रायबरेली के रिफॉर्म क्लब में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अगर देश की सारी महिलाएं एक हो जाएं तो हम राजनीति बदल देंगे। कांग्रेस ने महिलाओं के लिए अलग से घोषणा पत्र जारी किया है जिसमें सिर्फ स्कूटी और स्मार्ट फोन देने का वादा ही नहीं किया गया है बल्कि महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और अधिकार देने की बात की गई है। उन्होंने अपील किया कि आप हमें शक्ति दीजिए। हम आपको देंगे।
इसके पहले वह जिले के बछरावां क्षेत्र स्थित हनुमान मंदिर में गईं और वहां दर्शन किए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म हमें सच्चाई और प्यार का रास्ता दिखाता है। आरएसएस और भाजपा धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं। राहुल गांधी हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच के फर्क को सामने रख रहे हैं।
मैं लखीमपुर जा रही थी। सुबह चार बजे मुझे सीतापुर में गिरफ्तार किया। वहां भी महिला पुलिस थी। उनका घर परिवार है। हमें लगा कि हर जगह महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है।
हमे परिवर्तन लाना होगा। हम आधी आबादी हैं। आखिर हमें कोई सीरियसिली ले क्यों नहीं रहा है। जो आता है हमारे पास कहता है कि हमारे पास इतने वोट है, हमारा सहयोग करें तो हम आपके लिए वोट करेंगे। तो अगर महिलाएं तय कर लें, एक जुट हो जाएं तो हम बदल सकते हैं, राजनीतिक मंचों से जातिवाद, सांप्रदायिकता सिखायी जाती है। हमें चाहिए विकास की राजनीति। हम जानना चाहते हैं कि बताओ हमारे लिए क्या करोगे। हमारे भविष्य के लिए क्या करोगे। अगर सारी महिलाएं ये सोच लें तो कैसे नहीं बदलेगी राजनीति।
हमने नारा दिया कि लड़की हूं लड़ सकती हूं। महिलाओं के लिए अलग घोषणापत्र जारी किया। असर पड़ने लगा। आशा बहुओं का मानदेय बढ़ाया गया, इसलिए कि लग गया कि महिलाएं एकजुट हो रही हैं। पीएम आ रहे हैं एक महिलाओं की सभा करने। सबको समझ में आ गया है कि महिलाओं के लिए कुछ करना होगा। इस छोटी सी पहल का ये असर है।
आज मैं कह रही हूं कि आपको भगवान ने अपने पैरों पर खड़े होने की शक्ति दी है। इस शक्ति को पहचानो। लोकतंत्र में सबसे बड़ी शक्ति वोट है। तय कर लो आज से कि जो महिला को सशक्त नहीं करेगा, उसको वोट नहीं देंगे। इसका मतलब एक शौचालय या गैस सिलेंडर नहीं है। आपको शिक्षा रोजगार और आगे बढ़ने की शक्ति दें, समाज में बदलाव लायें कि शोषण न हो, ये देखें। महिलाओं पर शोषण होता है और आरोप भी उसी पर लग जाता है। उल्टा अपराधी परिवार महिला पर एफआईआर करा देता है। बहुत सह लिया है। बहुत चुप रहे हैं। आधा देश, आधा प्रदेश, इतनी बड़ी शक्ति और आप इसे पहचान नहीं रहे हैं।
एक नारा दिया लड़की हूं, लड़ सकती हूं और सारे नेता खड़े हो गये कि महिलाओं के लिए कुछ करना पड़ेगा। आप लड़िए, मैं आपके साथ हैं। कांग्रेस की पूरी राजनीतिक शक्ति आपके साथ है। साथ में हम परिवर्तन लाएंगे। एक साथ हम इस देश और प्रदेश को समझाएंगे कि महिला को नकार नहीं सकते। शोषण का विरोध करेगी और अपना हक मांगेगी। इसलिए कांग्रेस सके शक्ति विधान में तमाम घोषणाएँ की हैं। इसे पढ़िये। इसमें सिर्फ मोबाइल और स्कूटी की बात नहीं है। महिलाओं को सशक्त करने की बात है। उनकी दक्षता और रोजगार की बात है। कुल रोजगार का 40 फीसदी महिलाओं को देंगे। आशा बहुओं को दस हजार मिलेगा। गैस सिलेंडर एक दे रही है, हम तीन देंगे। सरकार के पास बहुत पैसा है, सही जगह नहीं डलता। प्रधानमंत्री आठ हजार करोड़ के हवाई जहाज में उड़ते हैं। उसको आपकी शिक्षा और स्वास्थ्य में डाला जा सकता था। कितनी महिलाएं डाक्टर, नर्स महिलाएं हैं। क्या कोरोना काल में उनकी सेवा को देखते हुए सशक्त किया सरकार ने..
आज आप अगर लड़ना शुरू नहीं करेंगी तो कब करेंगी। आज ये लड़कियां शिक्षा और रोज़गार चाहती हैं। सरकार का काम है कि इन्हें सशक्त करें। आपसे आग्रह है कि आप हमें सशक्त करें और हम आपको शक्ति देंगे। जब हम एकजुट हो जाएं तो कोई रोक नहीं पाएगा।
नारा लगाइये- मैं लड़की हूं, लड़ सकती हूं।
