रक्षा का क्षेत्र में रोजगार के साथ प्रदान करता है देश सेवा का अवसर भी- प्रो. टंकेश्वर कुमार

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के छठे दिन प्रतिभागियों को रक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से अवगत कराया गया। इस मौके पर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में एनसीसी तीन पंजाब एयर दस्ते के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन राजेश शर्मा व एनसीसी दो पीवी गुड्डा भटिंडा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल डीवी नेहरा उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि रक्षा के क्षेत्र में रोजगार प्रतिष्ठित व सम्मानित विकल्प है। उन्होंने कहा कि ऐसे युवा जो कि उत्साह, साहस व चुनौतियों से भरपूर रोजगार पाने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए रक्षा का क्षेत्र सर्वोत्तम विकल्प है। कुलपति ने कहा कि रक्षा का क्षेत्र रोजगार के साथ देश सेवा का अवसर भी प्रदान करता है।

 

विश्वविद्यालय में आयोजित सात दिवसीय शिविर के छठे दिन की शुरूआत योगाभ्यास के साथ हुई। योगाचार्य नीरज आर्य ने सभी प्रतिभागियों को योगाभ्यास कराया। इसके प्रतिभागियों ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेन्टर के माध्यम से आयोजित रक्षा के क्षेत्र में रोजगार के अवसर विषय पर केंद्रित वेबिनार में हिस्सा लिया। वेबिनार में विशेषज्ञ वक्ता ग्रुप कैप्टन राजेश शर्मा ने स्वयंसेवको को रक्षा क्षेत्र में रोजगार के विकल्पों और उससे जुड़ी निर्धारित चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अपने सम्बोधन में प्रतिभागियों को देश सेवा के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में कर्नल डी.वी. नेहरा ने कहा कि सशस्त्र सेनाओं में भर्ती स्वैच्छिक है एवं इसमें भारत के सभी नागरिक आवेदन कर सकते हैं बशर्ते कि वे शारीरिक, चिकित्सीय एवं शैक्षिक मानदंडों को पूरा करते हों। दोनों ही विशेषज्ञों ने रक्षा क्षेत्र में रोजगार की चयन प्रक्रिया में आने वाली परेशानियों के बारे में स्वयंसेवको के साथ चर्चा की तथा उनकी शंकाओं का निदान किया।

 

इसके पश्चात आयोजन के दूसरे चरण में जिला रेड क्रॉस सोसायटी, नारनौल के मंडल अध्यक्ष टेकचंद यादव ने प्रतिभागियों को प्राथमिक उपचार और होम नर्सिंग का प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने कहा कि दुर्घटना किसी भी समय हो सकती और उसी वक्त अगर रोगी को सही तरीके से उपचार मिलना शुरु हो जाए तो उसकी जान बच सकती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से अपील की दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करें। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय एनएसएस इकाई के संयोजक डॉक्टर दिनेश चहल ने बताया कि इस शिविर में जिले के 12 महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के लगभग 200 स्वयंसेवक हिस्सा ले रहे हैं। शिविर में प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सेन्टर के निदेशक डॉ. विकास गर्ग के सहयोग से रक्षा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों पर विशेषज्ञ वेबिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिनेश चहल ने विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, कुलसचिव प्रो. सारिका शर्मा सहित सभी शिक्षकों, अधिकारियों, शिक्षेणतर कर्मचारियों, विशेषज्ञों, विद्यार्थियों व प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

 

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