नई शिक्षा नीति को लेकर तैयारियां शुरू,अब राष्ट्र सेवा विषय की अनिवार्य रूप से पढ़ाई होगी

प्रयागराज: देश और प्रदेश में नई शिक्षा नीति को 2023 में लागू किए जाने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है।नई शिक्षा नीति को लेकर ही इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक बैठक में जानकारी दी गई। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्वव ने कॉलेज के प्राचार्यों के साथ बैठक की। उन्होंने जानकारी दी कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में छात्रों को ‘राष्ट्र सेवा विषय की अनिवार्य रूप से पढ़ाई करनी होगी। इस विषय की परीक्षा हरेक छात्रों को पास करनी होगी।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का खाका तैयार कर लिया गया है और इसके तहत नया सिलेबस वर्ष 2023 से लागू किया जाएगा।कुलपति ने बताया कि छात्रों के लिए विषय में पढ़ाई के साथ भ्रमण भी अनिवार्य होगा। एनईपी ने 100 से अधिक जगहों की एक लिस्ट जारी की है, जहां छात्रों को लेकर जाया जा सकता है। भ्रमण शिक्षण के घंटे में जोड़ा जाएगा। संघटक कॉलेज विश्वविद्यालय के सिलेबस को ही लागू करेंगे। इसमें वे उन इलेक्टिव पाठ्यक्रमों का चुनाव कर सकते हैं, जिन्हें पढ़ाने के लिए उनके पास शिक्षक और आवश्यक संसाधन मौजूद हैं। नए विषयों में कोर्स चलाने के लिए भी कॉलेज आवेदन भी कर सकते हैं और यदि वे कुछ ऐसे इंटीग्रेटेड कोर्स बनाना चाहिए जिसको वह अपने कॉलेज में चलाना चाहते हैं तो वे भी कर सकते हैं।
प्रो. एसआई रिजवी ने नई शिक्षा नीति में हुई प्रगति के बारे में प्राचार्यों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों में खेल के मैदान की सुविधा नहीं है और नई शिक्षा नीति में खेल एक महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए छात्रों को यह सुविधा दी जा सकती है कि अगर वे खेल के प्रशिक्षण और प्रतिभागिता से जुड़े हुए अधिकृत संस्थानों के सर्टिफिकेट लाते हैं तो इसे उनके क्रेडिट अंकों में जोड़ा जा सकेगा।

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