ताबूत उठा कर इमाम हुसैन की सात वर्षीय बेटी सकीना की शहादत को याद किया गया

प्रयागराज: हज़रत इमाम हुसैन की सात वर्षीय चहेती बेटी जनाबे सकीना की शहादत के सिलसिले मे सब्ज़ी मण्डी शाहनूर अली गंज मे महल मे यादे सकीना बिन्तुल हुसैन अन्जुमन शमशीरे हैदरी की ओर से मनाया गया।बहलोल ए हिन्द नाज़िम ए नजफे अशरफ आफताबे निज़ामत शायर नजीब इलाहाबादी के कुशल निर्देशन मे रेयाज़ मिर्ज़ा व शुजा मिर्ज़ा की सोज़ख्वानी से मजलिस का आग़ाज़ हुआ।शायर डॉ नायाब बलयावी ने बेहतरीन पेशख्वानी के द्वारा माहौल को ग़मगीन बना दिया।करारी कौशाम्बी के इमाम ए जुमा वल जमात मौलाना ज़मीर हैदर साहब क़िबला ने क़ैदखाना ए शाम मे जनाबे सकीना की शहादत का मार्मिक अन्दाज़ मे वर्णन किया।कहा जनाबे सकीना को इमाम हुसैन बहोत चाहते थे इसी लिए कहीं कही उनको सुकैना भी कहा गया। दिल को सुकून देने वाली बेटी को बाबा जान सुकैना कहा करते थे।सकीना हमेशा बाबा हुसैन के सीने पर सोती थी थी लेकिन जब इमाम हुसैन की शहादत हो गई तो यही बेटी बाबा के बे सर लाशे पर जा कर सो गई।जनाबे सकीना के कानो से गोशवारे यज़ीदी लश्कर ने नोच लिए।कानो से लहु जारी हो गया।बीबी सकीना पर ढाए गए ज़ुल्म की दास्ताँ सुन कर अक़ीदतमन्दो की जहाँ सिसकियाँ निकलने लगीं वहीं आँखों से अश्को की धारा बहने लगी।बाद मजलिस गुलाब व चमेली के फूलों से सजा कर ताबूते सकीना व ग़ाज़ी अब्बास की निशानी अलम मुबारक की ज़ियारत कराई गई।लोगों ने अश्कों का नज़राना पेश करते हुए मन्नत व मुरादें भी मांगी।अन्जुमन हैदरिया रानी मण्डी के नौहाख्वान हसन रिज़वी व साथियों ने ग़मगीन नौहा पढ़ा।अन्जुमन शमशीरे हैदरी की ओर से अक़ीदतमन्दों का शुक्रिया अदा करते हुए लोगों मे तबरुख तक़सीम किया गया।इस मौक़े पर नजमुल हसन , मेंहदी अब्बास , ताबिश सरदार , यशब आब्दी , फैसल आब्दी , यूशा आब्दी ,हबीब रज़ा , औन आब्दी , जौन आब्दी , शजर आब्दी , ज़ीशान अब्बास ,अली अब्बास ,तक़ी आब्दी , यासूब सरदार , फरदीन रिज़वी , सै०मो०अस्करी , आसिफ रिज़वी समेत अन्य लोग शामिल रहे।

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