आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार गैस सिलेंडर के दाम में अबतक 175 रुपये की बढ़ोतरी, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा

नई दिल्ली:  कांग्रेस ने गैस की बढ़ती कीमतों पर केंद्र सरकार को जमकर लताड़ा  कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि आप यहाँ पर ये दो गैस सिलेंडर देख रहे हैं और इसी के बारे में ये चर्चा है। बड़े-बड़े वायदे किए गए थे, तो हम लोगों ने भी उस पर दो लाइनें लिखी हैं। आपको जरुर सुनाना चाहेंगे – “बहुत हुआ है अत्याचार, कमर तोड़ महंगाई की मार, यही है मोदी सरकार”।

नरेन्द्र मोदी की सरकार निर्मम, असंवेदनशील और अनैतिक हदों पर जा चुकी है। सरकार ने किसानों के साथ तो अन्याय करने की ठान ही ली है और यह सरकार हर तरह का अन्याय, हर तरह की बर्बरता कर रही है, इसने अब देश के हर चुल्हे, चौके, हर गृहणी, हर आम आदमी की कमर तोड़ने का भी फैसला कर लिया है, हर चुल्हे – चौके में आग लगा दी है। पेट्रोल और डीजल के दाम आप सबको पता है, 100 रुपए के पार हो गए हैं, घरेलू गैस के  दाम निरंतर बढ़ाए जा रहे हैं। 10 दिनों के भीतर ये दूसरी बढ़ोतरी है। रसोई गैस के सिलेंडर में 75 रुपए कीमत का इजाफा हुआ है। 75 रुपए कीमत बढ़ी है। 4 फरवरी को सिलेंडर की कीमत 25 रुपए बढ़ी थी और अब आज सुबह, कल रात 12 बजे से, मतलब 15 तारीख को आज कीमत 50 रुपए और बढ़ा दी गई है और यही नहीं, दिसंबर 2020, मतलब दो महीने के अंदर इसकी कीमत 175 रुपए प्रति सिलेंडर बढ़ाई जा चुकी है। आपको याद होगा कि दिसंबर में भी दो बार 50-50 रुपए की वृद्धि हुई थी। इस प्रकार यही सिलेंडर जो दिसंबर में दिल्ली में 594 रुपए का बिकता था, वो आज दिल्ली शहर में 769 रुपए का बिक रहा है।

 

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही है। 14.2 किलोग्राम द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपये प्रति यूनिट की बढ़ोतरी के बाद से लोगों को अबसे खाना पकाने के साधन पर कुछ अधिक धन खर्च करना होगा। आज से यानी 15 फरवरी से प्रभावी नई कीमतों के अनुसार, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के लिए 769 रुपये का भुगतान करना होगा।

फरवरी में रसोई गैस की कीमतों में यह 10 दिन में दूसरी वृद्धि है। इससे पहले, गैर-सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतें 4 फरवरी को मेट्रो शहरों में 25 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ाई गई है।

 

भारत में रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें- खाना पकाने और वाणिज्यिक राज्य द्वारा संचालित तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) द्वारा निर्धारित की जाती हैं। एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी का फैसला औसत वैश्विक एलपीजी कीमतों और विदेशी विनिमय दर में उतार-चढ़ाव के आधार पर किया जाता है।

एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं। आवश्यक ईंधन की लागत में वृद्धि उच्च मुद्रास्फीति को जन्म दे सकती है और आर्थिक सुधार की गति को कम कर सकती है।

कांग्रेसी नेता और केरल के वायनाड के सांसद राहुल गांधी ने भी दिल्ली में रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र में कटाक्ष किया और दावा किया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार जनता को ‘लूट’ रही है। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी पर अख़बार में प्रकाशित खबर को साझा करते हुए, गांधी ने ट्वीट किया, “जनता से लूट, केवल दो लोगों का विकास”।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *