TP Exclusive MHRD- यौन शोषण के आरोपी बनवारीलाल नटिया पर कारवाई क्यों नहीं! NCTE/NRC चैयरमैन रहते हुये यौन शोषण, विशाखा गाइडलाइंस का उल्लंघन क्यों ?

बेटी पढाओं और बेटी बचाओं का नारा देने वाली केंद्र की मौजूदा सरकार को शायद नारेबाजी में ज्यादा आनंद आता है, धरातल पर इस नारे के विपरीत तमाम मामलें ऐसे है जिसमें पीड़ित अपने आबरू को बचाने के लिए इंसाफ की राह तक रही हैं। इस बार तो मामला शिक्षा के नाम पर साक्षरता परोसने वाली संस्था के अधीन का है। जहाँ 2019 से न्याय पाने के लिए एक महिला भटक रही है। वो भी ऐसी महिला जो पूर्व डिप्टी प्रधानमंत्री आडवाणी के खास दोस्त की बेटी होने के साथ एक उच्च शिक्षित और बेहद संवेदनशील महिला है। समाज में अपने शिक्षा और ज्ञान से समाज को एक दिशा देने का काम कर रही हैं…..

देश को दिशा देने के साथ भविष्य के युवाओं को तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाली NCTE खुद अपने महिलाकर्मी को न्याय नहीं दे पा रही। आरएसएस के कंधे पर बैठें निहायत भ्रस्टाचारी आरोपी बनवारी लाल नटिया ना सिर्फ खुलेआम शोषण में आरोपी है बल्कि संस्था की आड़ में खुलकर भ्रष्टाचार कर के करोड़ों बनाने में व्यस्त है।

 

सरकारी संस्थानों में खुलेआम महिलाओं का शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है। मजे की बात ये है कि ये मामला शिक्षा मंत्री के ऑफिस से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय तक में महिला के द्वारा दर्ज करवाया जा चुका हैं। इतना ही नहीं दिल्ली महिला आयोग ने इस मामलें में सरकार को कारवाई करके जल्द से जल्द महिला को इंसाफ देने की बात कही जिसपर आजतक शिक्षा मंत्रालय से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। 2 साल से ऊपर हो चला है पीड़ित महिला (बदला हुआ नाम ) वसुंधरा इंसाफ के लिए भटक रही हैं। पढ़ी लिखी उच्चशिक्षित परिवार की महिला के साथ ऐसा हो सकता है तो आम महिला की बात तो आप भूल ही जाये।

 

ICC-के फ़ाइल पन्ने

 

क्या है मामला और आरोपी को क्यों नहीं हटाया जा रहा

मामला शिक्षा मंत्रालय के अधीन आने वाली संस्था NCTE का हैं, जिसका काम पूरे देश में उच्च शिक्षा के लिए मापदंड को देखना और पालन करवाने की जिम्मेदारी उठाने की हैं। जाहिर है, यहाँ के NCR कमेटी के चैयरमैन का जिम्मा बनवारी लाल नटिया के पास हैं। कमेटी में महिलाएं और पुरुष दोनों की भागीदारी हैं। इसी कमेटी की एक महिला (बदला हुआ ) वसुंधरा के साथ बनवारी लाल नटिया ने ना सिर्फ दुर्व्यवहार किया बल्कि मानसिक उत्पीड़न के साथ शोषण भी किया जिनका जिक्र वसुंधरा के द्वारा पूर्व शिक्षा मंत्री रमेश निशंक पोखरियाल , दिल्ली महिला आयोग, NCTE के पूर्व चैयरमैन सहित वर्तमान मेंबर सेकेट्री तक को किया गया पर ढाक के तीन-पात की दर्ज पर आज तक नटिया मजे से घूम रहा है उसके खिलाफ कोई कारवाई नहीं कि गई। नटिया ने ये कदम क्यों उठाया क्योंकि उसके द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार पर लगातार वसुंधरा के द्वारा सवाल उठाया जा रहा था, वसुंधरा राजस्थान सरकार में पूर्व में उच्च पद पर रह चुकी है उनको बखूबी कार्यप्रणाली और NCTE के नियमों का सही गलत का अंदाजा था। और नटिया सिर्फ पैसे बनाने के लालच में ऐसे फाइलें भी निकालने की दबाव और जुगत में रहता है जिससे पैसे बना सके। दूसरा वसुंधरा की वजह से इसमें लगातार दिक्कतें आ रही थीं क्योंकि हर व्यक्ति पैसों के लिए काम नहीं करता इसलिए उसने इतना घिनोना कांड कर डाला।

 

NCTE ने क्यों विशाखा गाइडलाइंस का पालन अभी तक नहीं किया बड़ा सवाल है-

सवाल ये है कि विशाखा गाइडलाइंस के हिसाब से कार्यस्थल पर किसी महिला कर्मचारी के साथ ऐसी घटना होती है तो शिकायत मिलने पर तुरंत आरोपी को दूसरे विभाग में ट्रांसफर कर दिया जाता है, और जांच कमेटी का गठन किया जाता है। इस केस में ना तो आरोपी को अभी हटाया गया ना इस मामलें की जांच के लिए विजिलेंस में गई फ़ाइल पर कोई कारवाई की गई हैं! किसने आखिर इस मामलें को इन्वेस्टिगेशन से रोका हुआ हैं।

 

नटिया का घिनौना कृत्य यहीं नहीं रुका –

इस शिकायत के अलावा बनवारीलाल नटिया का चैयरमैन के पद का कार्यकाल फरवरी में 2021 में ही खत्म हो चला है। इसके वावजूद वो अभी तक चैयरमैन के पद पर बैठा हुआ, बल्कि गले तक भ्रष्टाचार में डूबा हुआ भी हैं। क्योंकि नटिया के जरिए राममंदिर के नाम पर कॉलेजों से जबरन धमका कर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई हैं ।

 

इसका सबूत है जनवरी में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बनवारीलाल नटिया ने करीब 1469 कॉलेजों को SCN इशू किया गया। इसके बहाने कॉलेजों के प्रबंधकों को धमकाया गया कहा गया, कि उनके बीएड के लाइसेंस को रद्द कर दिया जायेगा और हर कॉलेज से इस के नाम पर 3-4 लाख वसूले गये। अनुमानित राशि करीब 40 करोड़ रुपये के आसपास हैं। जबकि NCTE के नियमों में इस तरह का प्रावधान ही नहीं हैं।

लोकसभा में एक सांसद के द्वारा भी ये मुद्दा उठाया जा चुका है, उसके बाद भी नटिया जैसे लोगों का संस्थान में रहना साफतौर पर गंदगी की तरफ इशारा करता है। किसी को तो पैसे पहुंचाने का काम करके नटिया बचा हुआ है।

 

मंत्री की निजी सचिव तक को कई बार वसुन्धरा के मामलें में जानकारी दी गई, नबंवर में खुद शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने वसुंधरा को आश्वासन दिया था कारवाई और इंसाफ का पर आजतक नटिया मजे से घूम रहा है बल्कि संस्था की सचिव खुद एक महिला है उसके बाद भी कोई कारवाई नहीं हुई और ऐसे एक सेक्सुअल हैरेसमेंट के केस नहीं बल्कि कई मामलें है जिन पर कोई कारवाई नहीं कि जा रही है। इंसाफ के लिए महिलाएं ठोकरें खा रही हैं

क्या कहता है भारत का कानून-

Indian penal Court और (POSH act 2013 ) के अंदर ये मानसिक बलात्कार की श्रेणी में आता है, किसी भी कार्यस्थल पर ऐसी घटना को IPC 358, और 509 में शिकायत के बाद रजिस्टर्ड करवाना जरूरी है, विशाखा गाइडलाइंस और निर्भया कांड के बाद भी बहुत सारे बदलाव हुये है , जिसका पालन किसी भी कार्यस्थल पर जरूरी है। कुछ ऐसी बातें है जो कार्यस्थल पर अपराध की श्रेणी में आता है देखिये।

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