लोकसभा चुनाव से पहले EC ने बंगाल के DGP और यूपी-गुजरात समेत 6 राज्यों के गृह सचिवों को हटाने का दिया आदेश

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 6 राज्यों गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गृह सचिव को हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में सामान्य प्रशासनिक विभाग के सचिव को भी हटा दिया गया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक(DGP) को हटाने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई की है।

ECI ने बृहन्मुंबई नगर आयुक्त इकबाल सिंह चहल और अतिरिक्त आयुक्तों और उपायुक्तों को भी हटा दिया है। ECI ने GAD मिजोरम के सचिव और हिमाचल प्रदेश के सचिव को भी हटा दिया है जो संबंधित सीएम कार्यालय में प्रभार संभाल रहे हैं।

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एक रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग ने सभी राज्य सरकारों को चुनाव कार्य से जुड़े अपने उन अधिकारियों का ट्रांसफर करने का निर्देश दिया था, जो तीन साल पूरे कर चुके हैं या अपने गृह जिले में तैनात हैं। हालांकि, महाराष्ट्र सरकार ने कुछ नगर निगम आयुक्तों (कमिश्नर) और कुछ अतिरिक्त और उप नगर आयुक्तों के संबंध में निर्देशों का पालन नहीं किया।

यह कदम 19 अप्रैल से सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले उठाया गया है। चुनाव के नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। इसके साथ ही आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) लागू हो गई है। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की थी।

पहले चरण की वोटिंग 19 अप्रैल को होगी। देशभर में इलेक्शन की प्रक्रिया 43 दिन तक चलेगी। जबकि 4 जून को नई सरकार का ऐलान हो जाएगा। 19 अप्रैल को पहले चरण की वोटिंग होगी, जबकि दूसरा चरण 26 अप्रैल, तीसरा 7 मई, चौथा चरण 13 मई, पांचवां फेज 20 मई, छठवां फेज 25 मई और सातवें चरण का मतदान 1 जून को होगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने सभी राजनीतिक दलों और उनके नेताओं से एमसीसी का सख्ती से पालन करने को कहा है। एमसीसी में चुनाव से पहले नेताओं और पार्टियों के लिए क्या करें और क्या न करें की जानकारी दी गई है। अन्य बातों के अलावा, एमसीसी सरकार को नीतिगत निर्णयों की घोषणा करने से भी रोकती है।

ईसीआई का एमसीसी चुनाव से पहले राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को विनियमित करने के लिए जारी दिशानिर्देशों का एक संकलन है। नियमों में भाषण, मतदान दिवस, मतदान केंद्र, पोर्टफोलियो, चुनाव घोषणापत्र की सामग्री, जुलूस और सामान्य आचरण से संबंधित मुद्दे शामिल हैं, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराए जा सकें।

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