AIADMK ने तमिलनाडु में पार्टी मुख्यालय में एक बैठक के बाद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अपना नाता तोड़ दिया और कहा कि भाजपा “AIADMK के पूर्व नेताओं के बारे में अनावश्यक टिप्पणियां” कर रही थी। बीते दिनों AIADMK के वरिष्ठ नेताओं ने दिल्ली में भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा से मुलाकात की थी और उन्हें भाजपा के तमिलनाडु प्रमुख के अन्नामलाई की “राजनीति की आक्रामक शैली” से उत्पन्न राज्य की जमीनी स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। AIADMK ने द्रविड़ियन आइकन सीएन अन्नादुरई के बारे में एक टिप्पणी करने के लिए अन्नामलाई से माफी मांगने की मांग की थी और ये भी मांग की थी कि अगर उन्होंने (अन्नामलाई) माफी नहीं मांगी तो उन्हें हटा दिया जाए। कुछ दिनों बाद अब AIADMK ने एनडीए से अलग होने का फैसला कर लिया है।
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घटनाक्रम के बारे में पूछे जाने पर अन्नामलाई ने कहा था कि भाजपा का राष्ट्रीय नेतृत्व जल्द ही एक बयान जारी करेगा। उन्होंने कहा, “हमारे राष्ट्रीय नेतृत्व को घटनाक्रम के बारे में जानकारी है। वे इस पर प्रतिक्रिया देंगे। हम जल्द ही फिर से बात करेंगे।”
तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK ने कहा कि वह 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एक अलग मोर्चे का नेतृत्व करेगी।
अन्नाद्रमुक के उप समन्वयक केपी मुनुसामी ने कहा, “बैठक में AIADMK ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया। AIADMK आज से BJP और NDA गठबंधन से सारे रिश्ते तोड़ रही है। भाजपा का राज्य नेतृत्व पिछले एक साल से लगातार हमारे पूर्व नेताओं, हमारे महासचिव EPS और हमारे कार्यकर्ताओं के बारे में अनावश्यक टिप्पणी कर रहा है।”
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प्रस्ताव में किसी का नाम लिए बिना कहा गया है कि भाजपा का राज्य नेतृत्व उसकी नीतियों की आलोचना करने के अलावा, द्रविड़ आइकन, दिवंगत सीएन अन्नादुरई और दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता को बदनाम कर रहा है।
AIADMK की प्रवक्ता शशिरेखा ने कहा, “सदस्यों की राय के आधार पर हम यह प्रस्ताव ले रहे हैं…यह AIADMK के लिए सबसे खुशी का क्षण है। हम आगामी चुनावों का सामना करके बहुत खुश हैं, चाहे वह लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का।”
पार्टी ने चेन्नई में अपने कार्यालय के बाहर पटाखे फोड़कर गठबंधन खत्म होने का जश्न मनाया।
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वहीं मदुरै में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
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वहीं इस मामले पर भाजपा नेता सी.टी. रवि ने कहा, “अभी इन 8 महीनों में क्या होगा मैं अभी बोल नहीं सकता। सभी कार्यकर्ताओं का काम पार्टी को मजबूत करना है…मुझे नहीं मालूम की किसकी वजह से ऐसा बयान दिया गया है। तमिल नाडु की जनता ने मोदी जी में प्रेम रखा है। हमे विश्वास है कि 2024 में हमें और ज्यादा सीटें मिलेंगी।”
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AIADMK नेता कोवई सत्यन ने कहा, “गठबंधन के धर्म और पवित्रता के लिए हमने अपनी यथास्थिति बनाए रखी। अनामलाई ने हमारे नेताओं, संस्थापकों के खिलाफ बोला। वे हमारी विचारधारा की आलोचना करने लगे और कई बार हमने भाजपा के शिर्ष नेतृत्व को इस बारे में जानकारी भी दी… जहां तक तमिलनाडु की बात है तो वह भाजपा है जिसे AIADMK की जरूरत है ना कि AIADMK को भाजपा की… हम उनके सहयोगी है इसका यह मतलब नहीं कि हमारी विचारधारा भी एक जैसी है…।”
केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस ने कहा, “यह सब चलता रहता है कि कौन कब किसके साथ आएगा और जाएगा… अभी चुनावी बरसात है। इस बरसात में कौन किसके साथ आएगा, कौन किसके साथ जाएगा यह कहना मुश्किल है। बहुत लोग कतार में लगे हैं।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, “2024 का चुनाव NDA-INDIA गठबंधन में होने वाला है। 2014 से पहले भी NDA के कई सहयोगी गठबंधन छोड़कर गए हैं क्योंकि नरेंद्र मोदी चुनाव अपने दम पर लड़ना चाहते थे। इसके चलते पिछले 10 सालों में 20-22 दल NDA छोड़कर गए हैं। INDIA गठबंधन बनने के बाद भाजपा और NDA में एक घबराहट है कि शायद 2024 का चुनाव वे हार जाएंगे। यह बात सिर्फ नरेंद्र मोदी तक सीमित नहीं है, उनके गठबंधन सहयोगियों को भी नज़र आ रहा है कि 2024 में जीत पाना मुश्किल है। इसलिए आज AIADMK ने भाजपा से गठबंधन छोड़ दिया है। यह 2024 के चुनाव का प्रतिबिंब है।”
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा, “अगर यह विकास हुआ है तो यह उन लोगों को मसला था… तमिलनाडु में कांग्रेस-DMK गठबंधन बहुत मजबूत है… NDA गठबंधन की बैठक हुई और उसमें कोई परिणाम नहीं निकला… दक्षिण भारत में बड़ा गठबंधन बाहर हुआ है। इससे भारी नुकसान भाजपा को होगा। इससे पहले महाराष्ट्र में शिवसेना हिस्सा थी, वह भी बाहर हुई। बिहार से JDU बाहर हुई, पंजाब से अकाली दल बाहर हुआ। हर जगह साफ दिख रहा है कि NDA को कुछ मतलब नहीं रह गया है। वहां एक तानाशाह बैठे हैं और दो व्यक्ति देश चला रहे हैं।”
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JDU नेता नीरज कुमार ने कहा, “पूरे दक्षिण भारत से भाजपा का सफाया हो चुका है… भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा था कि क्षेत्रीय पार्टियों का वजूद खत्म कर देंगे इसे AIADMK ने पहचान लिया। जे. पी. नड्डा को क्षेत्रीय पार्टियों की अहमियत पता चलेगी। धीरे-धीरे गठबंधन के हर सहयोगी इनको छोड़ेंगे और राजनीति में भारत भाजपा मुक्त होगा।”
एआईएडीएमके, बीजेपी के बीच दरार-
भाजपा नेता अन्नामलाई की टिप्पणी से उस समय विवाद खड़ा हो गया जब उन्होंने आरोप लगाया कि अन्नादुराई ने 1956 में मदुरै में एक कार्यक्रम में हिंदू धर्म का अपमान किया था। उन्होंने कहा कि अन्नादुराई को अपनी टिप्पणी के बाद मदुरै में छिपना पड़ा और माफी मांगने के बाद ही वे यात्रा कर सके।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इनकार कर दिया था और कहा था कि उनकी पार्टी और अन्नाद्रमुक के बीच कोई समस्या नहीं है। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने अन्नादुराई के बारे में बुरा नहीं कहा था और केवल 1956 की एक घटना का जिक्र किया था।
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी एआईएडीएमके को एनडीए से अलग होने के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए नहीं कहेगी.
सूत्रों के अनुसार, भाजपा अपने तमिलनाडु राज्य प्रमुख अन्नामलाई का मजबूती से समर्थन कर रही है।
अन्नाद्रमुक ने 2019 के लोकसभा चुनाव और 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान सहयोगी के रूप में भाजपा के साथ साझेदारी की थी।
