कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को कर्नाटक के इंडी में एक रैली को संबोधित किया। उन्होंने अपनी रैली में कहा कि “मोदी जी को उनके लोग सबसे शक्तिशाली, सर्वोच्च, उत्कृष्ट और विकास पुरुष मानते हैं। मोदी जी जब कर्नाटक आए तो उन्होंने कहा- मेरा सपना था कि मैं कर्नाटक को देश में विकास की मिसाल बनाऊं। हैरानी की बात है कि जब कर्नाटक में बीजेपी की सरकार थी तो मोदी जी ने यह सपना पूरा क्यों नहीं किया?
प्रियंका ने कहा- ‘पिछले साढ़े 3 सालों में उन्होंने (बीजेपी) कर्नाटक से डेढ़ लाख करोड़ रुपए लूटे हैं। इन्होंने जितना पैसा लूटा है इससे आपके लिए 100 एम्स के अस्पताल, 30,000 स्मार्ट क्लास रूम और 30 लाख गरीबों के लिए घर बन सकते थे। आज आपके सामने वो आपके मुद्दों पर बात नहीं कर सकते हैं इसलिए हर रोज कोई नया मुद्दा उठा लेते हैं जिससे आपके विकास से कोई मतलब नहीं है।’
प्रियंका ने कहा कि हर बार चुनाव आते ही आपका ध्यान भटक जाता है। आप जवाब ही नहीं मांगते। BJP के नेता जानते हैं कि जब जज्बाती मामला उठाकर वोट मिल रहा है तो काम क्यों करना? जाग जाओ… बहुत हुआ और BJP सरकार से पूछो कि आपने कर्नाटक में क्या किया?
बीजेपी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि आजकल देश में तरह-तरह के चोर हैं। कोई घरों में चोरी करता है। अब कुछ ‘सरकारें चुराने वाले’ चोर भी आ गए हैं। ये चोर लोकतंत्र की चोरी भी कर रहे हैं। उनको रोको।
वहीं कर्नाटक के अलंद में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “पीएम मोदी कहते रहते हैं, ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा, मतलब मैं न रिश्वत लूंगा और न दूसरों को लेने दूंगा। लेकिन हकीकत यह है कि उनके सहयोगी भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त हैं और वह आंखें मूंदे बैठे हैं। ये सभी सिद्धांत दूसरों के लिए हैं, लेकिन भाजपा बेशर्मी से हर चीज पर 40% कमीशन लेती है”।
इससे पहले 30 अप्रैल को जामखंडी में प्रियंका ने एक जनसभा को संबोधित किया था। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा था कि मैंने पहला ऐसा प्रधानमंत्री देखा है जो जनता के सामने कहता है कि उसे गाली दी जा रही है। पीएम के पास जनता की समस्याओं की सूची नहीं, लेकिन गालियों की सूची है। मोदी जी, मेरे भाई राहुल गांधी से सीखिए, जो कहते हैं कि ‘गाली क्या मैं देश के लिए गोली खा लूंगा’। प्रियंका ने कहा था कि अगर मैं अपने परिवार को दी जाने वाली गालियों की गिनती शुरू कर दूं और बीजेपी में शामिल व्यक्तिगत नाम से पुकारने लगूं तो मुझे कई किताबें प्रकाशित करानी पड़ सकती हैं।
