कोरोना को लेकर पीएम मोदी ने की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक, कोविड-उपयुक्त व्यवहार के पालन की दी सलाह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में कोविड-19 और इन्फ्लुएंजा की स्थिति का आकलन करने के लिए एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें उन्होंने कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने और श्वसन स्वच्छता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने प्रयोगशाला निगरानी, जीनोम परीक्षण और सभी गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (SARI) मामलों के परीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

यह उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक देश में इन्फ्लुएंजा के मामलों में वृद्धि और पिछले 2 हफ्तों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि की पृष्ठभूमि में हुई।

इस समीक्षा बैठक में पीएम मोदी को नए कोविड मामलों में मामूली वृद्धि के बारे में जानकारी दी गई और देश में इन्फ्लुएंजा की स्थिति से अवगत कराया गया। बैठक में स्वास्थ्य सविव ने भारत में बढ़ते मामलों सहित वैश्विक कोविड-19 स्थिति पर एक व्यापक प्रस्तुति दी। बैठक में प्रधानमंत्री को जानकारी दी गई कि 22 मार्च, 2023 को समाप्त सप्ताह में भारत में नए मामलों में मामूली वृद्धि देखी जा रही है।

मालूम हो कि इस बैठक में 22 दिसंबर 2022 को हुई पिछली कोविड-19 समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी दी गई।

एक सरकारी बयान में कहा गया है कि, प्रधानमंत्री को बैठक में बताया गया कि 20 मुख्य कोविड दवाओं, 12 अन्य दवाओं, 8 बफर दवाओं और 1 इन्फ्लुएंजा दवा की उपलब्धता और कीमतों पर नजर रखी जा रही है। 27 दिसंबर 2022 को 22,000 अस्पतालों में एक मॉक ड्रिल भी आयोजित की गई थी, और उसके बाद अस्पतालों द्वारा कई उपचारात्मक उपाय किए गए।

प्रधानमंत्री को देश में पिछले कुछ महीनों में एच1एन1 और एच3एन2 के मामलों की बढ़ती संख्या के संबंध में और इन्फ्लुएंजा की स्थिति से भी अवगत कराया गया।

प्रधान मंत्री ने अधिकारियों को जीनोम जांच को बढ़ाने और नए वेरिएंट की ट्रैकिंग करने का निर्देश दिया। पीएम ने मरीजों, स्वास्थ्य पेशेवरों और स्वास्थ्य कर्मियों दोनों द्वारा अस्पताल परिसर में मास्क पहनने सहित कोविड उपयुक्त व्यवहार पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वरिष्ठ नागरिक और अन्य बीमार लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाते हैं तो उन्हें मास्क पहनने की सलाह दी जाती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कोविड-19 महामारी अभी खत्म नहीं हुई है और नियमित रूप से देश भर में स्थिति की निगरानी करने की आवश्यकता है।

प्रधानमंत्री ने राज्यों को आईआरआई/एसएआरआई मामलों की प्रभावी निगरानी करने को कहा है। साथ ही इन्फ्लुएंजा, सार्स-सीओवी-2 और एडेनोवायरस के परीक्षण करने के लिए भी कहा है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पर्याप्त बिस्तरों और स्वास्थ्य मानव संसाधनों की उपलब्धता के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं में इन्फ्लुएंजा और कोविड-19 के लिए आवश्यक दवाओं और रसद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बुधवार को अपडेट किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण के 1,134 नए मामले दर्ज किए गए हैं, सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 7,026 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले हफ्ते छह राज्यों को पत्र भी लिखा था और सुझाव दिया था कि कोरोनावायरस का संभावित स्थानीय प्रसार मामलों मंछ वृद्धि का कारण हो सकता है।

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