दिल्ली के लाल किले के पास धमाके में 8 लोगों की मौत, 24 घायल; अमित शाह ने IB चीफ से की बात

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास सोमवार शाम एक कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और 24 अन्य घायल हो गए। इस उच्च सुरक्षा वाले इलाके में दहशत फैल गई और हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, शाम करीब 6:55 बजे विस्फोट की सूचना मिली, जिसके बाद सात दमकल गाड़ियां और 15 कैट एम्बुलेंस मौके पर पहुँचीं। विस्फोट के कारण आस-पास खड़े तीन-चार वाहनों में आग लग गई, जिन्हें बाद में बुझा दिया गया।

यह विस्फोट इतना तेज था कि आसपास अफरातफरी मच गई। चश्मदीदों के मुताबिक, एक पल में कार आग के गोले में बदल गई और उससे उठी लपटों ने बगल में खड़ी करीब सात से आठ गाड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। धमाके में आठ लोगों की मौत हो गई है जबकि 24 लोग घायल हुए हैं।

धमाका शाम 6 बजकर 55 मिनट पर हुआ और तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू लिया है। धमाके के बाद दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि धमाका कार में लगी सीएनजी से हुआ या इसमें किसी विस्फोटक पदार्थ का उपयोग हुआ।

इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने IB चीफ तपन डेका से लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर बातचीत की है।

घटना के तुरंत बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की। एनएसजी, एनआईए और फोरेंसिक विभाग की टीमें भी मौके पर पहुँच गईं है। दिल्ली की घटना के संबंध में गृह मंत्री आईबी निदेशक के साथ लगातार संपर्क में हैं।

सूत्रों ने बताया कि कई शव एलएनजेपी अस्पताल में लाए गए हैं और कई अन्य घायलों का इलाज चल रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि विस्फोट बेहद शक्तिशाली था, जिससे आस-पास की स्ट्रीट लाइटें टूट गईं और घटनास्थल के पास खड़े वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। वरिष्ठ अधिकारियों और डीसीपी सहित दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम जाँच की निगरानी के लिए घटनास्थल पर पहुँच गई है।

विस्फोट के कारणों की जाँच अभी जारी है, लेकिन यह घटना पुलिस द्वारा प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और 2,900 किलोग्राम से ज़्यादा संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट (विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाला एक रसायन) बरामद करने के कुछ ही घंटों बाद हुई है। अधिकारियों ने बताया था कि मॉड्यूल ने ज़ब्त सामग्री से बने सैकड़ों शक्तिशाली आईईडी का इस्तेमाल करके दिल्ली को दहलाने की योजना बनाई थी।

लाल किले के पास हुए धमाके का असर इतना तेज था कि मेट्रो स्टेशन की शीशे चकनाचूर हो गए. धमाके के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, धमाके की आवाज कई मीटर तक सुनी गई, और कंपन इतना तेज था कि पास खड़ी गाड़ियों के अलार्म अपने-आप बज उठे।

प्रत्यक्षदर्शियों ने विस्फोट को “भयानक” बताया। स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने कहा, “मैंने अपने घर से आग की लपटें देखीं और फिर नीचे आकर देखने लगा कि क्या हुआ है। एक ज़ोरदार धमाका हुआ। मैं पास ही में रहता हूँ।”

एक स्थानीय दुकानदार ने याद करते हुए कहा, “मैंने ज़िंदगी में इतना ज़ोरदार धमाका कभी नहीं सुना। विस्फोट के कारण मैं तीन बार गिरा। ऐसा लगा जैसे हम सब मर जाएँगे।”

फोरेंसिक विशेषज्ञ घटनास्थल की जाँच कर रहे हैं और लाल किले के आसपास के पूरे इलाके की पूरी तरह से घेराबंदी कर दी गई है।

पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है और सभी थानों को गश्त बढ़ाने, नाकाबंदी करने और संदिग्ध व्यक्तियों की आकस्मिक तलाशी लेने के निर्देश दिए गए हैं।

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