जम्मू-कश्मीर में मंगलवार दोपहर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों सहित उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। यूरोपियन मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (EMSC) ने कहा कि मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे पूर्वी कश्मीर में 5.4 तीव्रता का भूकंप आया। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार इस भूकंप का केंद्र जम्मू और कश्मीर के डोडा जिले के गंडोह भलेसा गांव से 18 किमी दूर था। इसकी गहराई जमीन से 6 किलोमीटर अंदर थी। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 5.4 थी।
NCS के डेटा के मुताबिक, भारत में 1 मई से 31 मई तक 41 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। इनमें से 7 भूकंप उत्तराखंड और 6 भूकंप मणिपुर में आए। इसके अलावा अरुणाचल में 5 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। वहीं, हरियाणा और मेघालय में 3-3 बार धरती हिली है।
श्रीनगर के एक स्थानीय निवासी ने बताया, “भूकंप से स्कूली बच्चे डर गए। दुकानों में मौजूद लोग बाहर निकल आए। यह डरावना था। यह पिछले हफ्ते आए झटके से भी तेज था…”
भूकम्प विज्ञान निदेशक ओपी मिश्रा ने कहा कि, ‘दोपहर 1:33 बजे जम्मू-कश्मीर के डोडा में 5.4 रिक्टर स्केल का एक भूकंप आया। 5.4 की तीव्रता का भूकंप मध्यम से ताकतवर भूकंप की श्रेणी में आता है। कई क्षेत्रों में झटके महसूस किए गए हैं। 4 से 4.4 रिक्टर पैमाने तक के भूकंप की दोबारा संभावना बनी हुई है। इस भूकंप का चक्रवात बिपरजॉय से कोई संबंध नहीं है।’
बता दें कि इससे पहले इसी साल मार्च में भारत के कई राज्यों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.6 मापी गई थी। भूकंप का असर दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, मध्यप्रदेश और उत्तराखंड समेत पूरे उत्तर भारत में था। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान का हिंदू कुश क्षेत्र था।
