केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को बीमा घोटाला मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक के तत्कालीन सहयोगी के आवास पर छापेमारी की। जांच एजेंसी ने दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में आठ अन्य स्थानों पर भी तलाशी ली। सीबीआई की टीमों ने बुधवार सुबह पूर्व राज्यपाल के तत्कालीन सहयोगी के आवास और अन्य ठिकानों पर तलाशी अभियान शुरू किया।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक से जब इस छापे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सीबीआई इस मामले में शिकायतकर्ता को परेशान कर रही है। वह (सनक बाली) बिना किसी सरकारी वेतन के जम्मू-कश्मीर में मेरे प्रेस सलाहकार/सचिव थे।”
मालूम हो कि सीबीआई द्वारा दर्ज दो भ्रष्टाचार के मामलों में प्रेस सचिव सुनक बाली मुख्य संदिग्ध हैं। सूत्रों ने कहा कि जिन जगहों पर छापेमारी की जा रही है, वे मलिक के वर्तमान और पूर्व सहयोगियों से जुड़े हैं।
एजेंसी का यह कदम 28 अप्रैल को सत्यपाल मलिक से पूछताछ के एक महीने के भीतर आया है। इससे पहले उनका बयान पिछले साल अक्टूबर में दर्ज किया गया था, जब उन्होंने बिहार, जम्मू और कश्मीर, गोवा और मेघालय में अपनी गवर्नर की जिम्मेदारियों को पूरा किया था।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सामूहिक चिकित्सा बीमा योजना के ठेके देने और जम्मू-कश्मीर में किरू पनबिजली परियोजना से संबंधित 2,200 करोड़ रुपये के सिविल कार्यों में मलिक द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के संबंध में सीबीआई ने दो प्राथमिकी दर्ज की है।
मलिक ने दावा किया था कि 23 अगस्त 2018 और 30 अक्टूबर 2019 के बीच जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान दो फाइलों को मंजूरी देने के लिए उन्हें 300 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की गई थी।
