मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि चक्रवात अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह अभी विशाखापत्तनम से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा कि चक्रवात अर्नब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। यह अभी विशाखापत्तनम से लगभग 300 किलोमीटर दूर स्थित है। तूफान के कल सुबह यानम के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। आपदा प्रबंधन विभाग ने पूरे आंध्र प्रदेश में आज और कल भारी बारिश की आशंका जताई है। इस दौरान 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
IMD के अनुसार, तूफान के आज शाम तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने की अधिक संभावना है। इसके बाद अर्नब के उत्तर पश्चिम दिशा की ओर मुड़ने की संभावना है। यह तूफान कल बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के नजदीक आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को पार कर सकता है। इस दौरान तूफान के अति प्रचंड श्रेणी में बने रहने का अनुमान है।
इस चक्रवात के तट से टकराने के दौरान अधिकतम निरंतर हवा की गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। वहीं तेज झोंकों के साथ हवाओं की रफ्तार 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों के लिए चक्रवात को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है।
ओडिशा सरकार ने तूफान के चलते राज्य के छह जिलों में अलर्ट जारी किया है। इनमें गंजाम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर शामिल हैं। सीएम ने तैयारियों की निगरानी के लिए 8 मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ, ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स, अग्निशमन विभाग और पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए ओडिशा में 225 दमकल सेवा टीमों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टुकड़ियों को संवेदनशील जिलों में तैनात कर दिया गया है।
ओडिशा सरकार ने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने स्पष्ट हिदायत दी है कि चक्रवात के संबंध में केवल आईएमडी, विशेष राहत आयुक्त और अधिकृत जिला प्रशासन से जारी आधिकारिक जानकारी ही प्रसारित की जाए। किसी भी प्रकार के असत्यापित पूर्वानुमान, काल्पनिक ट्रैक मॉडल या दहशत फैलाने वाली खबरों का प्रसारण न किया जाए।
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