अफगानिस्तान के हिंदू कुश क्षेत्र में मंगलवार रात को 6.6 तीव्रता का एक बड़ा भूकंप आया। उत्तरी भारत और पाकिस्तान में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के जुर्म में था।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, रात 10:17 बजे आए इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद में था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तुर्कमेनिस्तान, भारत, कजाकिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और किर्गिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के कालाफगन से 90 किमी दूर रहा।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के कार्यालय प्रमुख और वैज्ञानिक जे एल गौतम ने कहा कि, “जैसा कि हम जानते हैं कि इंडो ऑस्ट्रेलियन प्लेट यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है और यह रिलीज उस क्षेत्र में हुई है। एचकेएच क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से बहुत सक्रिय है। इसी वजह से उत्तर पश्चिम भारत और दिल्ली में लोगों को अपेक्षाकृत अधिक समय तक झटका महसूस हुआ। आफ्टरशॉक्स आने की संभावना है लेकिन उनका पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता है”।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियोज में देखा जा सकता है कि विभिन्न शहरों में भूकंप के तेज झटके के बाद घबराए हुए लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
भूकंप के बाद दिल्ली दमकल सेवा ने बताया कि, जामिया नगर, कालकाजी और शाहदरा इलाकों से झुकी हुई इमारतों और इमारतों में दरारें दिखने के संबंध में कॉल प्राप्त हुए हैं। इन इलाकों में दमकल विभाग की टीमें भेजी गई हैं, जिसके बाद पता लगाया जाएगा कि वास्तव में क्या हुआ है।
उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और पंजाब सहित उत्तरी भारतीय राज्यों में भूकंप के झटके कई सेकेंड तक रहे, जिसके बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। इसके अलावा चमोली, उत्तरकाशी के गंगा घाटी, यमुनाघाटी,मसूरी, पंजाब के मोगा, बठिंडा, मानसा, पठानकोट, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, सहारनपुर, शामली और जयपुर में भूकंप के झटके महूसस किए गए।
हालांकि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में मंगलवार देर रात आए भूकंप में अब तक 11 लोगों की मौत हो गई है जबकि 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर आ रही है। यह आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.8 दर्ज की गई।
बता दें कि भूकंप के दौरान जितना हो सके सुरक्षित रहें। इस बात का ध्यान रखें कि भूकंप के समय अपनी हलचल एकदम कम कर दें और नजदीकी सुरक्षित स्थान तक पहुंचें। तब तक घर के अंदर ही रहें जब तक कि भूकंप बंद न हो जाए।
