उमेश पाल हत्याकांड: आरोपी अरबाज पुलिस एनकाउंटर में ढेर, इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी से हुई पहली गिरफ्तारी

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी एक व्यक्ति को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और जिला पुलिस ने प्रयागराज के नेहरू पार्क में आरोपी अरबाज का एनकाउंटर किया।

साल 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में उनके आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। प्रयागराज में Hyundai Creta SUV की पिछली सीट से उतर रहे उमेश पाल की एक अज्ञात व्यक्ति ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। पाल को स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल ले जाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पाल की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उन्हें सात गोलियां मारी गई थीं।

इस बीच पाल हत्याकांड में पहली गिरफ्तारी हुई है। ये गिरफ्तारी इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मुस्लिम बोर्डिंग हॉस्टल से हुई है। शूटआउट मामले में एलएलबी के छात्र सदाकत खान को एसटीएफ ने षड्यंत्र रचने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुस्लिम हॉस्टल के कमरे में ही उमेश पाल की हत्या की साजिश रची गई थी।

पाल की हत्या के बाद उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने प्रयागराज में पुलिस थाने जाकर प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पूर्व सांसद अतीक अहमद के भाई, पत्नी साहिस्ता प्रवीण और उनके बेटों अहजान और अबान और कई अन्य के खिलाफ आईपीसी और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उमेश पाल की हत्या के मामले में बीजेपी नेता राहिल हसन के भाई गुलाम का भी नाम लिया गया था, जिसके बाद उन्हें पार्टी से हटा दिया गया।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए 10 टीमों का गठन किया है। यूपी पुलिस प्रदेश की सीमाओं, बस स्टैंड और हवाई अड्डे सहित प्रयागराज से बाहर निकलने के सभी मार्गों की बड़े पैमाने पर जांच कर रही है।

उमेश पाल की हत्या के मामले में अब तक उत्तर प्रदेश पुलिस ने अतीक के रिश्तेदारों सहित 40 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है। उत्तर प्रदेश पुलिस अतीक अहमद से पूछताछ करने के लिए तैयार है, जो वर्तमान में अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद है। यूपी पुलिस का का मानना है कि अतीक ने ही जेल से उमेश पाल को मारने की साजिश रची थी।

अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उमेश पाल हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की है। शाइस्ता ने प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमेश शर्मा और एडीजी एसटीएफ अमिताभ यश पर विरोधियों के साथ मिलकर अपने पति अतीक अहमद और अतीक के छोटे भाई अशरफ की हत्या का ठेका लेने का आरोप लगाया है। शाइस्ता परवीन ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘बसपा से महापौर का प्रत्याशी घोषित करने के बाद से यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने महापौर का पद अपने पास रखने के लिए हम लोगों को चुनाव से दूर रखने की साजिश रचना शुरू कर दिया था, उसी साजिश के परिणाम स्वरूप एक ऐसे व्यक्ति की हत्या करवाई गई जिसकी हत्या का आरोप मेरे पति पर लगना अवश्यंभावी था।’

मालूम हो कि उत्तर प्रदेश सरकार ने डॉन अतीक अहमद पर जनवरी 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के गवाह उमेश पाल पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया है। पूर्व सांसद अतीक अहमद के छोटे भाई खालिद अजीम को हराकर इलाहाबाद (पश्चिम) विधानसभा सीट जीतने के महीनों बाद राजू पाल की हत्या कर दी गई थी।

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