FATF को गुमराह कर रहा है पाकिस्तान? हिज्बुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन रावलपिंडी में अंतिम संस्कार में देखा गया

हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख और अमेरिका द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी सैयद सलाहुद्दीन को हाल ही में पाकिस्तान में मारे गए भारत के सबसे वांछित आतंकवादियों में से एक बशीर अहमद पीर के जनाजे की नमाज अदा करते हुए देखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के रावलपिंडी में सुरक्षित स्थान पर अंतिम संस्कार किया गया है।

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बशीर अहमद पीर के जनाज़े का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें सैयद सलाहुद्दीन को पाकिस्तानी सैनिकों से घिरा देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में सलाहुद्दीन को भारत को तबाह करने की कसम खाते हुए सुना जा सकता है, जहां कई पाकिस्तानी सैनिक उसकी सुरक्षा के लिए खड़े हैं और भीड़ उसका हौसला बढ़ा रही है।

ये चौंकाने वाला वीडियो FATF द्वारा चार साल से अधिक समय के बाद पाकिस्तान को अपनी “ग्रे सूची” से हटाने के महीनों बाद आया है। पड़ोसी देश अभी भी वैश्विक आतंकवाद निगरानी के दायरे में है।

दुनिया के मोस्ट वांटेड आतंकवादी (सैयद सलाहुद्दीन) की पकिस्तान के धरती पर मौजूदगी स्पष्ट रूप से ये बताती है कि पाकिस्तान ने आतंकवाद का मुकाबला करने की अपनी क्षमता को मजबूत करने के लिए दी गई 34 कार्य योजनाओं के बारे में FATF को गलत जानकारी दी है।

मालूम हो कि सलाउद्दीन को भारत सरकार ने 4 अक्टूबर 2022 को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम UAPA के तहत आतंकी घोषित किया था।

कौन है सैयद सलाउद्दीन?

जम्मू कश्मीर के बडगाम का रहने वाला हिज्बुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन का जन्म 18 फरवरी 1946 को हुआ था। 77 साल का आतंकी सलाउद्दीन POK में रहता है। वहां से वह आतंकी कैंप में युवाओं को जिहाद के नाम पर जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने की ट्रेनिंग देता है। उस पर UAPA की धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। हाल ही में भारत सरकार ने सलाउद्दीन के बेटों को घाटी में नौकरी से बर्खास्त कर दिया था।

बशीर अहमद पीर कौन था?

बशीर अहमद पीर को देश में आतंकी गतिविधियों में उसकी भूमिका के लिए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत 4 अक्टूबर, 2022 को भारत द्वारा एक आतंकवादी घोषित किया गया था। बशीर अहमद कथित तौर पर आतंकवादियों को एकजुट करने और हिजबुल मुजाहिदीन, लश्कर-ए-तैयबा और अन्य पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों के विस्तार में शामिल था। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक अधिसूचना के अनुसार, बशीर अहमद पीर हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को कुपवाड़ा, जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराने में मदद करता था। उसने जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों के लिए अन्य आतंकवादी समूहों के साथ समन्वय का काम भी किया। जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के बाबापोरा, अलोसा गांव का रहने वाला पीर एक कट्टर आतंकवादी कमांडर था, जिसने दो दशक पहले अपना ठिकाना पाकिस्तान में स्थानांतरित कर लिया था। उसे हिजबुल चीफ सैयद सलाहुद्दीन का करीबी माना जाता था।

बता दें कि पीर उर्फ इम्तियाज आलम को सोमवार को रावलपिंडी में एक दुकान के बाहर हमलावरों ने बेहद करीब से गोली मार दी थी। हिज्बुल कमांडर इम्तियाज आलम 15 साल से ज्यादा समय से पाकिस्तान में रह रहा था। जानकारी के अनुसार, बशीर जब नमाज पढ़कर मस्जिद से बाहर निकला था और एक दुकान पर रुका, तभी अज्ञात हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।

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